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मणिकर्णिका घाट पर 'विनाश लीला' या 'पुनर्विकास'

मणिकर्णिका घाट पर 'विनाश लीला' या 'पुनर्विकास'? जीतू पटवारी के आरोपों पर प्रशासन की सफाई

मध्य प्रदेश कांग्रेस प्रमुख जीतू पटवारी ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर मणिकर्णिका घाट को ध्वस्त करने का आरोप लगाया।

मणिकर्णिका घाट पर विनाश लीला या पुनर्विकास जीतू पटवारी के आरोपों पर प्रशासन की सफाई

फाइल फोटो |

भोपाल। मध्य प्रदेश कांग्रेस प्रमुख जीतू पटवारी ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया, और इसके जरिए वहां बने मणिकर्णिका घाट को ध्वस्त करने का आरोप लगाया। पटवारी ने बताया कि इस घाट का निर्माण सन् 1771 में लोकमाता देवी अहिल्या बाई होलकर ने करवाया था और अब राज्य की भाजपा सरकार ने उसे नष्ट कर दिया है।

कानून का उल्लंघन कर रही है भाजपा

पीसीसी अध्यक्ष ने साथ ही कहा कि जो सरकार संस्कृति और सनातन के नाम पर वोट मांगती है, वही कानून का उल्लंघन कर ऐतिहासिक धरोहरों और मंदिरों को तोड़ रही है। उन्होंने इसे अहिल्याबाई जी का अनादर और उनकी विरासत पर सीधा हमला बताया।

ऐतिहासिक धरोहर को ध्वस्त कर दिया

पटवारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के संसदीय क्षेत्र काशी में भाजपा सरकार ने लोकमाता देवी अहिल्याबाई होलकर जी की ऐतिहासिक धरोहर मणिकर्णिका घाट को ध्वस्त कर दिया है। मणिकर्णिका घाट का निर्माण लोकमाता देवी अहिल्याबाई होलकर जी ने वर्ष 1771 में कराया था। जो सरकार संस्कृति और सनातन के नाम पर वोट मांगती है, वही सरकार देवी अहिल्याबाई जी द्वारा निर्मित मंदिरों को मिटाने पर उतारू है।'

'भाजपा सरकार हमारे मंदिरों को तोड़ रही'

आगे पटवारी ने लिखा, 'AMASR (प्राचीन स्मारक एवं पुरातात्विक स्थल तथा अवशेष अधिनियम) 1958 के तहत संरक्षित धरोहरों को बचाने के लिए विशेष कानून बना है, लेकिन भाजपा सरकार उसी कानून का उल्लंघन कर ऐतिहासिक धरोहरों और हमारे मंदिरों को तोड़ रही है। यह देवी अहिल्याबाई जी का अनादर नहीं, बल्कि उनकी विरासत पर सीधा हमला है।'

विकास के नाम पर विनाश लीला

उधर मध्य प्रदेश कांग्रेस ने वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर जारी इस तोड़फोड़ के दो वीडियो शेयर करते हुए लिखा, 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में लोकमाता देवी अहिल्याबाई होलकर द्वारा बनवाए गए मणिकर्णिका घाट को नेस्तनाबूत कर दिया गया। भाजपा सांस्कृतिक धरोहरों को नष्ट करने पर उतारू है। जनभावनाओं को दरकिनार कर विकास के नाम पर विनाश लीला रची जा रही है। देवी अहिल्याबाई होलकर जी द्वारा निर्मित घाट को उजाड़ना जनभावनाओं का अपमान है।'

वाराणसी प्रशासन की सफाई

दरअसल पटवारी ने जो वीडियो शेयर किया वह सोशल मीडिया पर एक दिन पहले से वायरल हो रहा है, और इस वीडियो को लेकर वाराणसी के जिला प्रशासन की सफाई भी आ चुकी है। प्रशासन ने साफ किया कि काशी के महाश्मशान मणिकर्णिका घाट पर सौंदर्यीकरण का काम चल रहा है। अपर जिलाधिकारी (नगर) आलोक वर्मा ने इस बारे में सफाई देते हुए बताया, 'पूरे मामले की जांच की जा रही है। मणिकर्णिका घाट के सौंदर्यीकरण का कार्य काफी समय से चल रहा है। उच्च अधिकारियों से विचार-विमर्श के बाद पुनः कार्य शुरू किया जाएगा।'

18 करोड़ की लागत से हो रहा सौंदर्यीकरण

उन्होंने बताया कि महाश्मशान मणिकर्णिका का पुनर्विकास कार्य रूपा फाउंडेशन के सीएसआर फंड से किया जा रहा है, जिसकी अनुमानित लागत करीब 18 करोड़ रुपए बताई जा रही है। नगर निगम की देखरेख में कार्यदायी संस्था द्वारा यह कार्य कराया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2023 में इस परियोजना का शिलान्यास किया था। बाढ़ के कारण कई महीनों तक काम बंद रहा, लेकिन अब योजना को पूरा करने में तेजी लाई गई है।

दाह संस्कार क्षेत्र और दो शौचालयों का होगा निर्माण

सौंदर्यीकरण योजना के तहत दो सामुदायिक शौचालयों का निर्माण होगा। भूतल का कुल क्षेत्रफल 29,350 वर्ग फीट होगा, जिसमें दाह-संस्कार क्षेत्र 12,250 वर्ग फीट का होगा। घाट पर 30 से अधिक शव प्लेटफॉर्म और प्रदूषण रहित चिमनियां भी बनाई जाएंगी। भूतल पर पंजीकरण कक्ष, लकड़ी भंडारण क्षेत्र और प्रतीक्षा कक्ष भी बनाए जाएंगे।

क्या है मामला

मणिकर्णिका घाट की सौंदर्यीकरण योजना के तहत दो सामुदायिक शौचालयों का निर्माण होगा। भूतल का कुल क्षेत्रफल 29,350 वर्ग फीट होगा, जिसमें दाह-संस्कार क्षेत्र 12,250 वर्ग फीट का होगा। घाट पर 30 से अधिक शव प्लेटफॉर्म और प्रदूषण रहित चिमनियां भी बनाई जाएंगी।

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