AAP संयोजक अरविंद केजरीवाल ने जयपुर में CJP स्वयंसेवकों पर कथित हमले की निंदा करते हुए भाजपा पर सवाल उठाया और पूछा कि बच्चों के शिक्षित होने से उसे क्या समस्या है।
नई दिल्ली [भारत]: आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने शुक्रवार को राजस्थान के जयपुर में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के स्वयंसेवकों पर हुए कथित हमले को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर सवाल उठाया। उन्होंने पूछा कि अगर बच्चे शिक्षित हो जाएं तो भाजपा को क्या समस्या है।
केजरीवाल ने लगाए गंभीर आरोप
X पर एक पोस्ट में केजरीवाल ने CJP स्वयंसेवकों पर हुए कथित हमले की निंदा की। उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं पर स्वयंसेवकों के साथ मारपीट करने, उनके कपड़े फाड़ने और उनके वाहनों को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया। केजरीवाल ने कहा कि देश में क्या हो रहा है और आरोप लगाया कि CJP स्वयंसेवकों पर बेरहमी से हमला किया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या यह सब बच्चों के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की आवाज उठाने से रोकने के लिए किया जा रहा है।
जयपुर में हिंसक झड़प के बाद बढ़ा तनाव
ये टिप्पणियां जयपुर जिले के रामपुरा कंवरपुरा में हुई हिंसक झड़प के बाद राजस्थान के शिक्षा क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच आई हैं। कथित तौर पर एक दौरे पर आए मुख्य न्यायाधीश दल पर राजनीतिक विरोधियों ने हमला किया था। मुख्य न्यायाधीश दल के अनुसार, उनके दल के सदस्य एक स्थानीय सरकारी स्कूल का निरीक्षण करने की कोशिश कर रहे थे, जो कथित तौर पर एक अस्थायी शेड से संचालित होता है। इसी दौरान उन पर भीड़ ने हमला कर दिया।
कार्यकर्ता ने हमले को बताया पूर्व नियोजित
घटनास्थल से एएनआई से बात करते हुए मुख्य न्यायाधीश दल के कार्यकर्ता आशुतोष रांका ने आरोप लगाया कि हमला पूर्व नियोजित था। उन्होंने घटना के पीछे "भाजपा के गुंडों" के होने का आरोप लगाया और पुलिस पर निष्क्रियता का भी आरोप लगाया। रांका ने 48 घंटों के भीतर दोषियों की गिरफ्तारी की मांग की। साथ ही उन्होंने राज्य के सरकारी स्कूलों के संबंध में राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर द्वारा जारी आदेश को वापस लेने की मांग की।
पुलिस पर भी लगाए आरोप
रांका ने आरोप लगाया कि घटनास्थल पर पहले से पत्थरबाजी हो रही थी, लेकिन पुलिस मूकदर्शक बनी रही। उन्होंने दावा किया कि उनके स्वयंसेवकों के हाथ तोड़े गए, वाहनों में तोड़फोड़ की गई और टीम की महिलाओं पर भी पत्थर फेंके गए। उन्होंने कहा कि यह घटना पूर्व नियोजित थी और दोषियों को 48 घंटे के भीतर गिरफ्तार किया जाना चाहिए। रांका ने चेतावनी दी कि मांगें पूरी नहीं होने पर विरोध प्रदर्शन शिक्षा के मुद्दे से आगे बढ़कर मदन दिलावर के खिलाफ भी किया जाएगा।
सरकारी स्कूल की स्थिति को लेकर उठाए सवाल
रांका ने आरोप लगाया कि संबंधित स्कूल करीब एक साल से भैंस के बाड़े में चल रहा है और उनकी टीम स्कूल की स्थिति सुधारना चाहती थी। उन्होंने घटना को राजस्थान के लोकतंत्र के लिए "काला दिन" बताया।
(एएनआई)
यह भी पढ़ें: सेमीकंडक्टर से पर्यटन तक, यूपी-जापान सहयोग को मिलेगी नई रफ्तार