उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को 13 सूत्रीय पत्र भेजकर प्रयागराज में ट्रेनों के विस्तार, ठहराव और स्टेशन का नाम बदलने की मांग की है।
प्रयागराज (उत्तर प्रदेश)। प्रयागराज में आयोजित वंदे भारत ट्रेन संचालन कार्यक्रम के दौरान उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने केंद्रीय रेल, सूचना एवं प्रसारण तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र सौंपकर क्षेत्र की रेल सेवाओं में व्यापक सुधार का आग्रह किया है। उप मुख्यमंत्री ने प्रयागराज सहित आसपास के क्षेत्रों की जनता के लिए रेल यातायात को अधिक सुगम, सुविधाजनक और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से 13 महत्वपूर्ण सुझाव और अनुरोध भेजे हैं। उन्होंने यात्रियों की प्राथमिकताओं, क्षेत्रीय संपर्क, व्यापारिक गतिविधियों, पर्यटन और आमजन की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए इन प्रस्तावों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करने की सिफारिश की है।
प्रमुख रेल सेवाओं के नियमित संचालन पर जोर
उप मुख्यमंत्री ने पत्र के माध्यम से प्रयागराज-मुंबई दुरंतो एक्सप्रेस का संचालन प्रतिदिन करने और प्रयागराज-अहमदाबाद सुपरफास्ट एक्सप्रेस को सप्ताह में तीन दिन चलाने की मांग उठाई है। इसके अलावा, प्रयागराज से पुणे और मिरज होते हुए गोवा के लिए एक नई सीधी ट्रेन शुरू करने तथा प्रयागराज-दादरी स्पेशल ट्रेन को नियमित ट्रेन के रूप में संचालित करने का अनुरोध किया है। क्षेत्र से पश्चिमी भारत और तटीय राज्यों के लिए यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए यह मांग महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
प्रयागराज जंक्शन पर 24 ट्रेनों के ठहराव की मांग
यात्रियों की सुविधा को केंद्र में रखते हुए प्रयागराज जंक्शन पर सियालदह और अगरतला राजधानी एक्सप्रेस समेत वर्तमान में ठहराव से वंचित 24 महत्वपूर्ण ट्रेनों का ठहराव सुनिश्चित करने का प्रस्ताव रखा गया है। इसके साथ ही पटना-वास्कोडिगामा एक्सप्रेस का संचालन सप्ताह में तीन दिन करने और उसमें क्षेत्रीय यात्रियों के लिए कोटा बढ़ाने की बात कही गई है। वाराणसी-नई दिल्ली वंदे भारत एक्सप्रेस को अलीगढ़ में ठहराव देने और विभूति एक्सप्रेस का संचालन रामबाग के स्थान पर सूबेदारगंज से करते हुए इसकी क्षमता 24 कोच तक बढ़ाने का सुझाव भी पत्र में शामिल है।
वंदे भारत ट्रेनों के विस्तार और नए ठहराव की सिफारिश
धार्मिक और पर्यटन स्थलों से जुड़ाव को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से उप मुख्यमंत्री ने दयालपुर स्टेशन पर सरयू एक्सप्रेस के ठहराव की मांग की है। इसके अतिरिक्त, वाराणसी से रांची और देवघर जाने वाली दोनों वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों का विस्तार प्रयागराज रामबाग स्टेशन तक करने का अनुरोध किया गया है। इन सेवाओं के विस्तार से पूर्वांचल और झारखंड के बीच सीधी और द्रुतगामी रेल यात्रा संभव हो सकेगी।
स्टेशनों के नामकरण और आधारभूत ढांचे में सुधार
क्षेत्रीय परिवहन की दीर्घकालिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए उप मुख्यमंत्री ने नैनी-प्रयागराज रेल पुल को दो स्तरीय बनाकर ऊपर सड़क मार्ग जोड़ने की योजना पर कार्य करने का प्रस्ताव रखा है। प्रशासनिक सुगमता के लिए प्रयागराज के सभी रेलवे स्टेशनों को उत्तर मध्य रेलवे के क्षेत्राधिकार में लाने की बात कही गई है। पहचान और भौगोलिक स्पष्टता के लिए झूसी, करछना और बमरौली स्टेशनों के नाम के आगे 'प्रयागराज' जोड़ने तथा सूबेदारगंज रेलवे स्टेशन का नाम परिवर्तित कर 'प्रयागराज कैंट' करने का अनुरोध किया गया है।
क्षेत्रीय विकास और व्यापारिक गतिविधियों को मिलेगी गति
प्रयागराज की महत्ता को रेखांकित करते हुए उप मुख्यमंत्री ने कहा कि "प्रयागराज धार्मिक, सांस्कृतिक, शैक्षिक एवं आर्थिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण केंद्र है।" उन्होंने स्पष्ट किया कि रेल सुविधाओं का विस्तार होने से यात्रियों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी, आवागमन सुगम होगा तथा क्षेत्र के सर्वांगीण विकास को नई गति प्राप्त होगी।
यह भी पढ़ें: केन्या में खेती करेंगी यूपी की कंपनियां! कृषि-खाद्य प्रसंस्करण के निर्यात को मिलेगी नई उड़ान