बारिश की कमी के बावजूद खरीफ बुवाई में सुधार हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार, पूर्वी और मध्य भारत में अधिक बारिश से किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है।
नई दिल्ली: देश में लगातार बढ़ रही बारिश की कमी के बावजूद खरीफ फसलों की बुवाई में सुधार देखने को मिला है। दौलत कैपिटल की रिपोर्ट के अनुसार, पूर्वी और मध्य भारत के कई हिस्सों में आने वाले दिनों में सामान्य से अधिक बारिश होने की संभावना है, जिससे किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है।
बारिश की कमी लगातार बढ़ी
रिपोर्ट के मुताबिक, देश में संचयी वर्षा की कमी 8 जुलाई को 15 प्रतिशत थी, जो 12 जुलाई तक 17.8 प्रतिशत और 19 जुलाई तक बढ़कर 23.8 प्रतिशत हो गई। इसके बावजूद मिट्टी में मौजूद नमी के कारण खरीफ फसलों की बुवाई जारी रही। 17 जुलाई तक खरीफ फसलों की कुल बुवाई 658.19 लाख हेक्टेयर में हुई। यह पिछले वर्ष की तुलना में 42.28 लाख हेक्टेयर कम है, लेकिन पिछले सप्ताह दर्ज 101.4 लाख हेक्टेयर के अंतर की तुलना में स्थिति में काफी सुधार हुआ है।
धान की बुवाई लगभग पिछले साल के बराबर
धान की बुवाई 166.41 लाख हेक्टेयर में हुई, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह 167.83 लाख हेक्टेयर थी। धान की बुवाई में अंतर घटकर केवल 1.41 लाख हेक्टेयर रह गया है। दालों, मोटे अनाज, तिलहन और कपास की बुवाई में भी सुधार दर्ज किया गया है, हालांकि ये अभी भी पिछले वर्ष के स्तर से पीछे हैं। अरहर और उड़द की बेहतर बुवाई से दालों का अंतर कम हुआ है, जबकि बाजरा की अच्छी बुवाई से मोटे अनाजों की स्थिति में भी सुधार आया है।
गन्ना ही पिछले साल से आगे
रिपोर्ट के अनुसार, गन्ना एकमात्र ऐसी फसल है जिसकी बुवाई पिछले वर्ष की तुलना में अधिक हुई है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले सप्ताह उत्तरी बंगाल की खाड़ी में बनने वाले चक्रवाती परिसंचरण के प्रभाव से पूर्वी और मध्य भारत के कुछ हिस्सों में सामान्य से अधिक बारिश हो सकती है। हालांकि, देश के अधिकांश अन्य क्षेत्रों में सामान्य से कम वर्षा रहने की संभावना है।
अल नीनो का असर बना रहने के संकेत
रिपोर्ट में कहा गया है कि भूमध्यरेखीय प्रशांत क्षेत्र में अल नीनो की स्थिति बनी हुई है और मानसून के शेष सीजन में इसके और मजबूत होने की संभावना है।
(ANI)
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