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मांगों को लेकर खेग्रामस ने किया प्रदर्शन

समस्तीपुर में विभिन्न मांगों को लेकर खेग्रामस का धरना-प्रदर्शन

समस्तीपुर में खेग्रामस के कार्यकर्ताओं ने भूमिहीनों को जमीन, मनरेगा में काम, आवास योजना में पारदर्शिता और महंगाई पर नियंत्रण समेत कई मांगों को लेकर धरना दिया।

समस्तीपुर में विभिन्न मांगों को लेकर खेग्रामस का धरना-प्रदर्शन

विभिन्न मांगों को लेकर खेग्रामस ने किया प्रदर्शन |

समस्तीपुर: भूमिहीनों को वासभूमि उपलब्ध कराने, सरकारी एवं निजी जमीन पर बसे परिवारों को पर्चा देने, मनरेगा के तहत काम उपलब्ध कराने, आवास योजना में कथित अनियमितताओं पर रोक लगाने और बढ़ती महंगाई पर नियंत्रण सहित विभिन्न मांगों को लेकर शुक्रवार को खेग्रामस के बैनर तले फतेहपुर पंचायत भवन पर धरना-प्रदर्शन किया गया।

भाकपा माले नेताओं समेत कई वक्ताओं ने रखी बात

धरना-प्रदर्शन की अध्यक्षता भाकपा माले पंचायत सचिव मनोज कुमार सिंह ने की, जबकि संचालन खेग्रामस प्रखंड सचिव प्रभात रंजन गुप्ता ने किया। कार्यक्रम को अखिल भारतीय किसान महासभा के प्रखंड अध्यक्ष ब्रह्मदेव प्रसाद सिंह, शंकर महतो, संजीव राय, सुलेखा कुमारी, शिव कुमारी, सुनीता देवी, आशा देवी, रजनी देवी और भाकपा माले प्रखंड सचिव सुरेंद्र प्रसाद सिंह समेत कई वक्ताओं ने संबोधित किया।

गरीबों को जमीन और महंगाई के मुद्दे पर सरकार को घेरा

सभा को संबोधित करते हुए भाकपा माले राज्य कमिटी सदस्य बंदना सिंह ने कहा कि सरकार घोषणाओं के बावजूद भूमिहीन परिवारों को वासभूमि देने, सरकारी एवं मालिकाना जमीन पर बसे लोगों को पर्चा उपलब्ध कराने, पर्चाधारियों को जमीन पर कब्जा दिलाने और महंगाई पर नियंत्रण करने में विफल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार गरीब हितैषी होने का दावा तो करती है, लेकिन जमीनी स्तर पर गरीबों की समस्याओं के समाधान के प्रति गंभीर नहीं है। 

मांगों को लेकर आंदोलन तेज करने की चेतावनी

भाकपा माले प्रखंड सचिव सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने आवास योजना में कथित बंदरबांट और घूसखोरी पर रोक लगाने, जमाबंदी शुद्धीकरण अभियान के तहत अंचल कर्मियों को गांवों में भेजकर समस्याओं का समाधान करने और मनरेगा के तहत रोजगार उपलब्ध कराने की मांग की। धरना-प्रदर्शन के दौरान बीडीओ रवि भूषण से टेलीफोन पर वार्ता हुई। इसके बाद उनके निर्देश पर पहुंचे पंचायत सचिव को मांगों से संबंधित स्मारपत्र सौंपा गया। आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी कि अगर मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। 

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