प्राइम न्यूज़ – एक कसम, राष्ट्र प्रथम
Breaking News

400 किसानों ने ली खेती कार्यशाला में भाग

कोटपूतली-बहरोड़ में प्राकृतिक खेती पर जिला स्तरीय कार्यशाला, 400 से अधिक किसानों ने लिया हिस्सा

जिले में प्राकृतिक एवं जैविक खेती को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से शुक्रवार को राजकीय सरदार उच्च माध्यमिक विद्यालय के सभागार में जिला स्तरीय एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।

कोटपूतली-बहरोड़ में प्राकृतिक खेती पर जिला स्तरीय कार्यशाला 400 से अधिक किसानों ने लिया हिस्सा

Bio Farming |

कोटपूतली-बहरोड़ (राजस्थान): जिले में प्राकृतिक एवं जैविक खेती को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से शुक्रवार को राजकीय सरदार उच्च माध्यमिक विद्यालय के सभागार में जिला स्तरीय एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जिले भर से आए 400 से अधिक किसानों ने भाग लिया।

किसानों को दी गई तकनीकी जानकारी

कार्यशाला में विशेषज्ञों ने किसानों को प्राकृतिक खेती की विभिन्न तकनीकों, पद्धतियों और उसके लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। साथ ही कम लागत में बेहतर उत्पादन, मृदा संरक्षण और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के उपाय भी बताए गए।

प्राकृतिक खेती को बताया भविष्य की जरूरत

मुख्य अतिथि Rao Rajendra Singh ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक और जैविक खेती अपनाकर किसान खेती की लागत कम कर सकते हैं और भूमि की उर्वरता को लंबे समय तक बनाए रख सकते हैं।

रासायनिक उर्वरकों के दुष्प्रभावों पर चर्चा

सांसद ने किसानों से रासायनिक खाद और कीटनाशकों के अत्यधिक उपयोग से बचने की अपील की। उन्होंने कहा कि जैविक खेती न केवल पर्यावरण और मिट्टी के स्वास्थ्य को बेहतर बनाती है, बल्कि कृषि को अधिक टिकाऊ भी बनाती है।

प्रगतिशील किसानों ने साझा किए अनुभव

कार्यशाला में प्रगतिशील किसान कैलाश चौधरी और नितेश यादव ने प्राकृतिक खेती से जुड़े अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने किसानों को व्यावहारिक तरीके से प्राकृतिक खेती अपनाने और उसके लाभों की जानकारी दी।

सरकारी योजनाओं की भी दी जानकारी

कृषि एवं उद्यान विभाग के अधिकारियों ने किसानों को विभागीय योजनाओं, अनुदान और अन्य सुविधाओं की जानकारी दी। साथ ही जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए उपलब्ध संसाधनों से भी अवगत कराया।

जैविक उत्पादों और मिलेट्स की प्रदर्शनी आकर्षण का केंद्र

कार्यक्रम के दौरान जैविक उत्पादों और मिलेट्स (श्री अन्न) की प्रदर्शनी भी लगाई गई। किसानों ने प्रदर्शनी का अवलोकन कर विभिन्न उत्पादों और तकनीकों के बारे में जानकारी प्राप्त की। कार्यशाला में कृषि एवं उद्यान विभाग के अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लिया। समापन सत्र में संयुक्त निदेशक कृषि (विस्तार) Mahendra Kumar Jain ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।

यह भी पढ़े: कर्नलगंज बस स्टॉप पर लावारिस मिला अधेड़, अस्पताल में डॉक्टरों ने किया मृत घोषित

Related to this topic: