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नाबालिग से यौन शोषण के दोषी को उम्रकैद

मथुरा में नाबालिग से यौन शोषण के दोषी को उम्रकैद, CBI की जांच के बाद कोर्ट का फैसला

उत्तर प्रदेश के मथुरा में स्पेशल POCSO कोर्ट ने नाबालिग लड़की के यौन शोषण और अन्य गंभीर अपराधों में श्याम बिहारी को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है।

मथुरा में नाबालिग से यौन शोषण के दोषी को उम्रकैद cbi की जांच के बाद कोर्ट का फैसला

नाबालिग से यौन शोषण के दोषी को उम्रकैद |

मथुरा: सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (CBI) ने शनिवार को X पर एक पोस्ट में कहा कि उत्तर प्रदेश के मथुरा में एक स्पेशल POCSO कोर्ट ने आरोपी श्याम बिहारी को एक नाबालिग लड़की के यौन शोषण से जुड़े अपराधों के लिए उम्रकैद की सज़ा सुनाई है और 1.43 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। CBI की एक प्रेस रिलीज़ के मुताबिक, मथुरा में POCSO एक्ट के स्पेशल जज की कोर्ट ने 30 अक्टूबर को आरोपी को प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रन फ्रॉम सेक्सुअल ऑफेंस (POCSO) एक्ट, 2012, इंडियन पीनल कोड (IPC) और इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (IT) एक्ट, 2000 के तहत अलग-अलग अपराधों के लिए दोषी ठहराया। इन अपराधों में रेप, गंभीर पेनेट्रेटिव सेक्सुअल असॉल्ट, पोर्नोग्राफ़िक मकसदों के लिए बच्चे का इस्तेमाल और बच्चों के यौन शोषण के सामान को स्टोर करना शामिल था।

CBI ने नाबालिग पीड़िता को सुरक्षा और काउंसलिंग दी

CBI ने 17 जून 2025 को श्याम बिहारी के खिलाफ इलेक्ट्रॉनिक रूप में चाइल्ड सेक्सुअल अब्यूज़ एंड एक्सप्लॉइटेटिव मटीरियल (CSAEM) के कलेक्शन, ट्रांसमिशन और पब्लिकेशन के आरोपों पर केस दर्ज किया था। जांच के दौरान एजेंसी को पता चला कि आरोपी ने एक नाबालिग लड़की के साथ गंभीर यौन हमला भी किया था। CBI ने पीड़िता का पता लगाया और उसकी सुरक्षा, सम्मान और इमोशनल भलाई को प्राथमिकता देते हुए जांच की। एजेंसी ने पीड़िता को काउंसलिंग सपोर्ट दिया और फोरेंसिक एक्सपर्ट्स, बच्चों के यौन शोषण के मामलों से निपटने वाले मेडिकल प्रोफेशनल्स और चाइल्ड प्रोटेक्शन अथॉरिटीज़ के साथ कोऑर्डिनेट किया। इसने डिजिटल सबूतों को ठीक से इकट्ठा करने, संभालने और सुरक्षित रखने का भी खास ध्यान रखा।

नाबालिग से यौन शोषण मामले में आरोपी दोषी करार

जांच पूरी करने के बाद CBI ने 14 अगस्त, 2025 को आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट फाइल की। ​​ट्रायल कोर्ट ने 16 अक्टूबर, 2025 को आरोप तय किए। ट्रायल के बाद कोर्ट ने श्याम बिहारी को कई अपराधों का दोषी ठहराया, जिसमें एक नाबालिग लड़की के खिलाफ गंभीर यौन हमला, यौन शोषण, पोर्नोग्राफिक मकसद के लिए बच्चे का इस्तेमाल और CSAEM रखना शामिल है, जो POCSO एक्ट, 2012, IPC और IT एक्ट, 2000 के तहत सज़ा के लायक हैं। CBI ने कहा कि वह बच्चों के यौन शोषण और शोषण से जुड़े अपराधों की जांच और मुकदमा चलाने के लिए कमिटेड है, और बच्चों की सुरक्षा, अधिकारों और सम्मान का पूरा ध्यान रखते हुए ऐसे मामलों को बहुत प्राथमिकता देती है। 

(इनपुट: ANI)

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