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पॉक्सो और एससी/एसटी एक्ट में आजीवन कारावास

बलिया में पॉक्सो और एससी/एसटी एक्ट मामले में आरोपी को आजीवन कारावास, ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत बड़ी सफलता

बलिया की विशेष अदालत ने पॉक्सो और एससी/एसटी एक्ट मामले में आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत पुलिस की प्रभावी पैरवी से यह फैसला आया।

बलिया में पॉक्सो और एससीएसटी एक्ट मामले में आरोपी को आजीवन कारावास ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत बड़ी सफलता

Life Imprisonment in POCSO & SC/ST Case Under Operation Conviction in Ballia |

बलिया (उत्तर प्रदेश)। बलिया पुलिस ने ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत एक और बड़ी कानूनी जीत दर्ज की है। पॉक्सो एक्ट और एससी/एसटी एक्ट से जुड़े एक गंभीर मामले में सुनवाई करते हुए बलिया की विशेष अदालत ने आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। पुलिस की प्रभावी पैरवी के चलते अपराधी को सलाखों के पीछे भेजने में सफलता मिली है।

नाबालिग से यौन शोषण का आरोप

घटना बांसडीह रोड थाना क्षेत्र की है, जहां साल 2021 में एक नाबालिक के साथ यौन शोषण का मामला सामने आया था। पुलिस रिपोर्ट के अनुसार रितेश गुप्ता नाम के एक आरोपी ने वादी के नाबालिक पोते को बहला-फुसलाकर पड़ोस की छत पर ले जाकर उसके साथ घिनौनी हरकत की थी। इस घटना के बाद पीड़ित पक्ष की तहरीर पर थाना बांसडीह रोड में सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था।

पुलिस ने साक्ष्यों को मजबूती से अदालत के समक्ष रखा

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने साक्ष्यों को मजबूती से अदालत के समक्ष रखा। अभियोजन अधिकारी विमल कुमार राय की प्रभावी पैरवी के बाद आज बाल न्यायालय/विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट, कोर्ट संख्या 8 ने आरोपी के खिलाफ अपना फैसला सुनाया। पॉक्सो एक्ट की धारा 6 के तहत दोषी रितेश गुप्ता को 25 वर्ष शासन कारावास और 20 हजार रुपये के अर्थ दंड की सजा सुनाई गई है। एससी/एसटी एक्ट की धारा 3(2)(V) के तहत आरोपी को आजीवन कारावास और 20 हजार के अर्थदंड से दंडित किया गया है। जुर्माना न भरने की स्थिति में आरोपी को 1 वर्ष का अतिरिक्त श्रम कारावास भगतन होगा।

ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत दोषी को सख्त सजा

बलिया पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में चल रहे ऑपरेशन कनविक्शन का उद्देश्य जघन्य अपराधों में शामिल दोषियों को जल्द से जल्द सजा दिलवाना है। मॉनिटरिंग सेल और अभियोजन विभाग की लगातार निगरानी और पुख्ता पैरवी का ही नतीजा है कि इस मामले में कोर्ट ने आरोपी को सख्त सजा सुनाई है। लगभग 5 साल बाद इस फैसले से पीड़ित परिवार को न्याय मिला है और यह उन अपराधियों के लिए एक सख्त संदेश है जो अपराध कर कानून से बचने की कोशिश करते हैं।

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