MP News : भोपाल। मध्य प्रदेश के मंत्री कुंवर विजय शाह एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं। भारतीय सेना की अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी पर मई 2025 में दिए गए।
मध्य प्रदेश के मंत्री विजय शाह ‘लाडली बहना’ योजना पर बोले, खड़ा हुआ नया विवाद |
MP News : भोपाल। मध्य प्रदेश के मंत्री कुंवर विजय शाह एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं। भारतीय सेना की अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी पर मई 2025 में दिए गए “आतंकवादियों की बहन” वाले बयान को लेकर पहले से ही उनके खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज है। अब उन्होंने मुख्यमंत्री लाडली बहना योजना की लाभार्थी महिलाओं को लेकर टिप्पणी कर नया विवाद खड़ा कर दिया है।
मालूम हो कि रतलाम में शनिवार शाम जिला विकास सलाहकार समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए विजय शाह ने कहा, इस जिले में लाड़ली बहना योजना की 2.5 लाख लाभार्थी हैं। इनमें से कम से कम 50 हजार महिलाओं को मुख्यमंत्री के दो साल पूरे होने पर उनका सम्मान करने आना चाहिए। एक कार्यक्रम की योजना बनाइए, जिसमें लाड़ली बहनाएँ मुख्यमंत्री का सम्मान करें। सरकार जब हर लाभार्थी को ₹1,500 प्रतिमाह की दर से करोड़ों रुपये दे रही है तो दो साल में एक बार मुख्यमंत्री का सम्मान करना उचित है।
बैठक का वीडियो वायरल होने के बाद विवाद और गहरा गया। वीडियो में मंत्री, जो रतलाम जिले के प्रभारी मंत्री भी हैं। अधिकारियों से कहते सुने गए, नए साल में ऐसा कार्यक्रम रखिए, जिसमें लाडली बहनाएं मुख्यमंत्री का सम्मान करें। हम उनके खाने की व्यवस्था करेंगे, जो नहीं आएंगी, फिर देखा जाएगा कि उनके साथ क्या करना है? ऐसे लाभार्थियों की जाँच होगी; अगर किसी का आधार लिंक नहीं होगा तो आवेदन होल्डकर दिया जाएगा, यानी अपने आप बंद हो जाएगा। फिर सब आ जाएंगी।
इन टिप्पणियों से नया राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि भाजपा को अपनी प्रिय बहनों का सम्मान करना चाहिए था, लेकिन उसके लाड़ले मंत्री उनका अपमान कर रहे हैं। पहले देश की शान कर्नल सोफिया कुरैशी पर आपत्तिजनक टिप्पणी और अब प्रदेश की माताओं-बहनों को धमकी यह भाजपा की हताशा और महिला-विरोधी मानसिकता का प्रमाण है। मुख्यमंत्री की चुप्पी इस अपमान को मौन समर्थन देने जैसी है। जिस मंत्री ने पहले सेना का और अब लाखों बहनों का अपमान किया है, उसे सरकार में बने रहने का कोई अधिकार नहीं।
पूर्व मुख्यमंत्री और प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष कमलनाथ ने भी इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मंत्री महिलाओं को धमका रहे हैं कि यदि वे मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में नहीं आईं तो उन्हें लाड़ली बहना योजना की सूची से हटा दिया जाएगा। भाजपा और उसके मंत्री लाड़ली बहनों को बंधुआ मजदूर समझ रहे हैं। यह महिलाओं के नागरिक अधिकारों और स्वतंत्र अस्तित्व के लिए खुली चुनौती है।
गौरतलब है कि लाड़ली बहना योजना जून 2023 में तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार द्वारा शुरू की गई थी। वर्तमान में इस योजना के तहत करीब 1.27 करोड़ लाभार्थियों के खातों में ₹1,500 प्रतिमाह जमा किए जा रहे हैं। कर्नल सोफिया कुरैशी पर मई 2025 की टिप्पणी हो या रतलाम में लाड़ली बहनों को लेकर ताज़ा बयान—यह पहला मौका नहीं है जब विजय शाह ने महिलाओं को लेकर विवादित टिप्पणियाँ की हों।
सितंबर 2025 में उन्होंने अपने कैबिनेट सहयोगी और भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय के उस बयान का समर्थन किया था, जिसमें उन्होंने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा अपनी बहन प्रियंका गांधी वाड्रा को सार्वजनिक रूप से चूमने पर आपत्ति जताई थी। उस समय विजय शाह ने कहा था,“भारतीय संस्कृति में कोई भाई सार्वजनिक रूप से अपनी बहन को नहीं चूमता। यह हमारी संस्कृति और परंपराओं के अनुरूप नहीं है। ऐसे काम घर में होने चाहिए, चौराहे पर नहीं।
अप्रैल 2013 में, 62 वर्षीय आदिवासी नेता विजय शाह को कथित तौर पर कुछ भाजपा महिला नेताओं और तत्कालीन मुख्यमंत्री (वर्तमान केंद्रीय कृषि मंत्री) शिवराज सिंह चौहान की पत्नी साधना सिंह पर अशोभनीय टिप्पणियों के बाद अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण मंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था। मार्च 2024 में उन्होंने डाक विभाग से अभिनेता से सांसद बनीं हेमा मालिनी को ब्रांड एंबेसडर बनाने का सुझाव देते हुए विवादित टिप्पणी की थी। खंडवा में पासपोर्ट सेवा केंद्र के उद्घाटन के दौरान उन्होंने कहा था, उन्हें (हेमा मालिनी) ब्रांड एंबेसडर बना दीजिए और फिर देखिए—हम हेमा मालिनी के पट्ठे हैं। गरीबों का सारा पैसा बैंकों से निकालकर डाकघर में जमा करा देंगे।
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