कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने दावा किया है कि सपा के भीतर आंतरिक असंतोष चरम पर है और जल्द ही पार्टी में एक बड़ी टूट देखने को मिल सकती है।
आजमगढ़: समाजवादी पार्टी और इंडिया ब्लॉक के भीतर मची खींचतान पर अब विपक्षी नेताओं ने तीखे हमले शुरू कर दिए हैं। हाल ही में पीडीए की बैठक में मुरादाबाद के सांसद को नहीं बुलाए जाने पर राजनीतिक हलकों में सरगर्मी तेज हो गई है।
मुरादाबाद सांसद को दरकिनार करने से कई नेता नाराज
कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने दावा किया है कि सपा के भीतर आंतरिक असंतोष चरम पर है और जल्द ही पार्टी में एक बड़ी टूट देखने को मिल सकती है। पार्टी के अंदरूनी सूत्रों और विरोधी नेताओं का कहना है कि मुरादाबाद के सांसद को दरकिनार किया जाना साबित करता है कि कई बड़े नेता समाजवादी पार्टी नेतृत्व से बेहद नाराज हैं। वे अब अपना एक अलग गुट तैयार कर रहे हैं। कयास लगाए जा रहे हैं कि टीएमसी और शिवसेना की तर्ज पर समाजवादी पार्टी में भी जल्द ही एक बड़ी टूट होगी।
दिल्ली का रुख करेंगे समाजवादी पार्टी के नाराज नेता
समाजवादी पार्टी के नाराज नेता उत्तर प्रदेश विधानसभा से निकलकर सीधे दिल्ली का रुख करेंगे, जहां वे लोकसभा अध्यक्ष से मिलकर अपने एक अलग धड़े को मान्यता देने की मांग करेंगे। सपा के वरिष्ठ नेता रामगोपाल यादव पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि वे हमेशा से राजभर और मौर्य समाज के लोगों को यादवों से कमतर और 'नीच' समझते आए हैं। चुनाव के समय वोट बटोरने के लिए वे हाथ जोड़ते हैं, पैर पकड़ते हैं।
रामगोपाल यादव पर भेदभाव की राजनीति का लगाया आरोप
उन्होंने रामगोपाल यादव पर चुनाव जीतने के बाद वे भेदभाव की राजनीति का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि उनके घरों में इन समाज के नेताओं के लिए खाना खाने के बर्तन तक अलग रखे जाते हैं। उन्होंने आरोप लगाया गया कि रामगोपाल यादव के खुद के घर में आधी आबादी अब सामान्य वर्ग के लोगों की हो चुकी है, जिसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
शिवपाल को बताया SP के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद का दावेदार
बयानों में साफ तौर पर कहा गया है कि समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के असली हकदार केवल और केवल शिवपाल सिंह यादव हैं। वे न सिर्फ अध्यक्ष पद के बल्कि मुख्यमंत्री पद के भी वास्तविक दावेदार हैं। उन्होंने अपने पिता और चाचा शिवपाल को धोखा देकर, तानाशाही और 'हिटलरशाही' के दम पर पार्टी पर कब्जा कर लिया है।
शिवपाल के पुराने बयान का दिया हवाला
शिवपाल यादव के एक पुराने बयान का हवाला देते हुए याद दिलाया गया कि उन्होंने खुद प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के गठन के समय कहा था कि सपा में एक 'शकुनि' बैठा है, जिसे लोग 'चश्मा वाला' के नाम से जानते हैं। शिवपाल ने ही यह बयान दिया था कि समाजवादी पार्टी अब गरीबों की जमीन कब्जा करने वाले चोर-उचक्कों और शराब माफियाओं के चंगुल में फंस चुकी है और ऐसी पार्टियां लंबे समय तक नहीं चला करतीं।