खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले के वनांचल क्षेत्र में स्थित मानपुर नाका-दौजरी जंगल में देर रात भीषण आग लगने से बड़ी मात्रा में वन संपदा को नुकसान पहुंचा है।
खैरागढ़-छुईखदान-गंडई (छत्तीसगढ़)। खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले के वनांचल क्षेत्र में स्थित मानपुर नाका-दौजरी जंगल में देर रात भीषण आग लगने से बड़ी मात्रा में वन संपदा को नुकसान पहुंचा है। आग की चपेट में आने से सागौन सहित कई मूल्यवान पेड़ और लकड़ियां जलकर राख हो गई हैं। आग ने जंगल के बड़े हिस्से को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे लाखों रुपये के नुकसान की आशंका जताई जा रही है।
कई किलोमीटर दूर तक दिखा धुएं का गुबार
आग की लपटें और धुएं का गुबार कई किलोमीटर दूर से देखा जा सकता है। घटना के बाद क्षेत्र में चिंता का माहौल है और स्थानीय लोगों ने मामले की जांच तथा नुकसान के आकलन की मांग की है। गंडई वन परिक्षेत्र के मानपुर नाका-दौजरी जंगल में अचानक आग भड़क उठी, जिसने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया।
वन्यजीवों और दुर्लभ वनस्पतियों पर मंडराया संकट
आग की तेज लपटों ने जंगल के बड़े हिस्से को अपनी चपेट में ले लिया। आग से सागौन के कई पेड़ और वन विभाग की लकड़ी जलकर राख हो गई। भीषण गर्मी और सूखी वनस्पतियों के कारण आग तेजी से फैलती रही। जंगल में लगी आग से केवल वन संपदा ही नहीं, बल्कि वन्यजीवों और दुर्लभ वनस्पतियों पर भी खतरा उत्पन्न हो गया है। आग से उठता धुआं दूर-दूर तक दिखाई दे रहा है।
आग के कारणों की जांच और ग्रामीणों का आक्रोश
हालांकि आग लगने के कारणों का अब तक खुलासा नहीं हो सका है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच होनी चाहिए और वास्तविक नुकसान का आंकलन कर जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जानी चाहिए। वन विभाग की टीम द्वारा आग पर काबू पाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
जैव विविधता को नुकसान, प्रशासन की कार्रवाई जारी
वहीं आग से हुए नुकसान का आंकलन भी किया जा रहा है। फिलहाल प्रशासन और वन विभाग की ओर से आग लगने के कारणों की जांच की बात कही जा रही है। क्षेत्र के लोगों को आशंका है कि इस घटना से जंगल की जैव विविधता को भी भारी नुकसान पहुंचा है।
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