MP News : भिंड। संत समाज ने NH-719 के निर्माण कार्य में हो रही देरी के विरोध में “सड़क नहीं तो टोल नहीं” के नारे लगाते हुए विशाल प्रदर्शन किया।
MP News : भिंड। संत समाज ने NH-719 के निर्माण कार्य में हो रही देरी के विरोध में “सड़क नहीं तो टोल नहीं” के नारे लगाते हुए विशाल प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के कारण लगभग एक दिन तक टोल वसूली पूरी तरह से ठप रही। सैकड़ों प्रदर्शनकारी ग्वालियर–भिंड–इटावा हाईवे के प्रारंभिक निर्माण कार्य को तत्काल शुरू करने की मांग को लेकर एकत्र हुए।
संत समिति के अध्यक्ष कालिदास महाराज के नेतृत्व में संत समाज ने प्रशासन को “एक और मौका” देने की बात कही। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसी भी प्रकार की लापरवाही या देरी हुई तो फिर से आंदोलन किया जाएगा और टोल को स्थायी रूप से बंद कर दिया जाएगा।
इस विरोध प्रदर्शन में NH-719 की जर्जर स्थिति को प्रमुखता से उठाया गया। संत समाज का आरोप है कि सात महीने पहले केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के साथ हुई बैठक में उन्होंने स्पष्ट कहा था कि सड़क निर्माण के बाद ही टोल वसूली की जाएगी, लेकिन अब तक किसी भी प्रकार का जमीनी कार्य शुरू नहीं हुआ है। अधिकारियों द्वारा पहले इस परियोजना को 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था। फिलहाल प्रदर्शन स्थगित होने के बाद टोल वसूली अस्थायी रूप से फिर शुरू कर दी गई है, लेकिन संत समाज ने स्पष्ट किया है कि यदि हाईवे को छह लेन का बनाने की दिशा में ठोस कार्रवाई शुरू नहीं हुई, तो वे दोबारा आंदोलन करेंगे।
विरोध प्रदर्शन में NH-719 की बदहाल स्थिति को उजागर किया गया। कांग्रेस विधायक हेमंत कटारे ने इसे “मौत का हाईवे” बताया और वे भी प्रदर्शन में शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने पिछले दो वर्षों में सैकड़ों मौतों का हवाला दिया, जिनमें गायों की मौतें भी शामिल हैं। संत समाज का आरोप है कि सात महीने पहले केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के साथ हुई बैठक में सड़क निर्माण पूरा होने के बाद ही टोल वसूली की बात कही गई थी, इसके बावजूद जमीनी स्तर पर कोई काम शुरू नहीं हुआ।
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