मिर्जापुर के जमालपुर क्षेत्र में सरकारी गेहूं खरीद केंद्र पर समय से उठान नहीं होने के कारण बारिश और चूहों से सैकड़ों क्विंटल गेहूं बर्बाद हो गया।
Hundreds of Quintals of Wheat Wasted at Government Procurement Centre Due to Negligence
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मिर्जापुर (उत्तर प्रदेश)। जिले के जमालपुर विकास खंड क्षेत्र अंतर्गत चौकियां संघ द्वारा संचालित सरकारी गेहूं खरीद केंद्र पर विभागीय लापरवाही के चलते सैकड़ों कुंटल गेहूं बर्बाद होने का मामला सामने आया है। समय से गेहूं का उठान नहीं किए जाने के कारण खुले में रखी बोरियां बारिश में भीग गईं, वहीं चूहों द्वारा बोरियों को कुतरने से भारी मात्रा में गेहूं नष्ट हो गया है।
अधिकारियों की कार्यप्रणाली और गंभीर लापरवाही पर सवाल
बताया जा रहा है कि सड़ा हुआ गेहूं आज भी बोरियों में भरकर केंद्र परिसर में इधर-उधर पड़ा हुआ है। लोगों का पेट भरने वाले अन्न की इस तरह बर्बादी विभागीय अधिकारियों की कार्यप्रणाली और गंभीर लापरवाही पर सवाल खड़े कर रही है। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि इतने बड़े नुकसान का जिम्मेदार आखिर कौन है और इसकी भरपाई कौन करेगा? आशंका जताई जा रही है कि नुकसान की रकम कागजी कार्रवाई में किसी न किसी मद से पूरी कर दी जाएगी, लेकिन देश के अन्नदाता किसानों की मेहनत से उपजा अनाज बर्बाद होने की जिम्मेदारी तय होना भी जरूरी है।
खरीद केंद्रों की अव्यवस्था और लापरवाही की शिकायत
अन्न दाता मंच के संयोजक चौधरी रमेश सिंह ने कहा कि जब भी खरीद केंद्रों की अव्यवस्था और लापरवाही की शिकायत की जाती है तो व्यवस्था सुधारने के बजाय कई बार केंद्रों को ही बंद कर दिया जाता है। इसका सीधा खामियाजा क्षेत्र के किसानों को भुगतना पड़ता है। लोगों ने मामले की जांच कर दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने तथा भविष्य में अनाज की बर्बादी रोकने के लिए उचित व्यवस्था किए जाने की मांग की है।
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