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नागलवाड़ी में मोहन सरकार की पहली 'कृषि कैबिनेट'...

नागलवाड़ी में मोहन सरकार की पहली 'कृषि कैबिनेट' का आयोजन

बड़वानी। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में आज सोमवार को बड़वानी जिले के नागलवाड़ी स्थित...

नागलवाड़ी में मोहन सरकार की पहली कृषि कैबिनेट का आयोजन

नागलवाड़ी में मोहन सरकार की पहली 'कृषि कैबिनेट' का आयोजन |

बड़वानी। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में आज सोमवार को बड़वानी जिले के नागलवाड़ी स्थित शिखरधाम में प्रदेश की पहली कृषि कैबिनेट की ऐतिहासिक बैठक आयोजित की गई। वर्ष 2026 को 'किसान कल्याण वर्ष' के रूप में मनाते हुए सरकार ने खेती और किसानों से जुड़े बड़े फैसले लेने के लिए मंत्रालय से बाहर निकलकर सीधे जमीन पर उतरने की पहल की है

मंत्रिमंडल ने किया भिलट देव मंदिर में दर्शन

​बैठक की शुरुआत से पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने पूरे मंत्रिमंडल के साथ प्रसिद्ध भिलट देव मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना की। यह मंदिर निमाड़ अंचल के जनजातीय समाज की आस्था का एक बड़ा केंद्र है। पूजा के उपरांत मुख्यमंत्री और सभी मंत्रियों ने मंदिर परिसर में सामूहिक फोटो भी खिंचवाई, जो सरकार की एकजुटता और सांस्कृतिक जुड़ाव को दर्शाता है। ​नागलवाड़ी में विशेष प्रदर्शऩी भी- यह बैठक नागलवाड़ी के पास 8 एकड़ में फैले विशेष रूप से तैयार किए गए परिसर में आयोजित की जा रही है, जहाँ कृषि पर आधारित एक विस्तृत प्रदर्शनी भी लगाई गई है।

किसानों को होली तोहफा

​किसानों को 'होली का तोहफा': माना जा रहा है कि इस कैबिनेट बैठक में कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन और मत्स्य पालन जैसे 17 विभागों से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने संकेत दिए हैं कि होली के पर्व से पहले प्रदेश के किसानों के लिए कई बड़ी घोषणाएं की जा सकती हैं।

​सरकार की प्राथमिकता किसान और ग्रामीण अंचल

आमतौर पर कैबिनेट की बैठकें राजधानी भोपाल के मंत्रालय में होती हैं, लेकिन डॉ. मोहन यादव सरकार ने आदिवासी बहुल बड़वानी जिले को चुनकर यह संदेश दिया है कि सरकार की प्राथमिकता दूरदराज के किसान और ग्रामीण अर्थव्यवस्था है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि ​वर्ष 2026 'किसान कल्याण' को समर्पित है। हमारा लक्ष्य किसानों को आत्मनिर्भर बनाना और उनके उत्पादों को बाजार तक सही दाम पर पहुँचाना है।

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