भोपाल। मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार ने विधायकों के वेतन और भत्तों में वृद्धि करने के प्रस्ताव को फिलहाल टाल दिया है।
भोपाल। मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार ने विधायकों के वेतन और भत्तों में वृद्धि करने के प्रस्ताव को फिलहाल टाल दिया है। इस फैसले से उन विधायकों को बड़ा झटका लगा है जो लंबे समय से मानदेय में बढ़ोतरी की उम्मीद लगाए बैठे थे।
सरकारी खजाने पर वित्तीय बोझ
मोहन यादव सरकार ने विधायकों के वेतन-भत्ते बढ़ाने के प्रस्ताव को अभी ठंडे बस्ते में डाल दिया है। राज्य पर बढ़ते कर्ज और 'कृषक कल्याण' जैसी महत्वाकांक्षी योजनाओं के कारण सरकारी खजाने पर भारी वित्तीय बोझ है। सरकार साल 2026 को 'कृषक कल्याण वर्ष' के रूप में मना रही है, इसलिए उसकी प्राथमिकता किसानों का हित है।
प्रस्ताव को किसा स्थगित
मध्य प्रदेश विधानसभा में इस संबंध में लाए गए संशोधन विधेयक को फिलहाल 'अस्वीकृत' या स्थगित कर दिया गया है। काफी समय से मांग की जा रही थी कि विधायकों के वेतन और अन्य सुविधाओं में इजाफा किया जाए। इसके लिए एक उच्च स्तरीय समिति ने अपनी रिपोर्ट भी तैयार की थी। हालांकि, सरकार ने वर्तमान परिस्थितियों और राज्य की आर्थिक स्थिति को देखते हुए इसे आगे बढ़ाने से इनकार कर दिया है।
सरकार को उचित नहीं लगता
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का स्पष्ट मानना है कि सरकार की प्राथमिकता राज्य के किसान और जनकल्याणकारी योजनाएं हैं। चूंकि 2026 को किसान कल्याण के लिए समर्पित किया गया है, ऐसे में जनप्रतिनिधियों के वेतन वृद्धि पर करोड़ों रुपये खर्च करना सरकार को उचित नहीं लगा।
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