मुंबई के कांदिवली में दूध मिलावट रैकेट का भंडाफोड़। समता नगर पुलिस ने ब्रांडेड पैकेट में पानी मिलाने वाले आरोपी को 74 लीटर नकली दूध और फर्जी पाउच के साथ किया गिरफ्तार।
मुंबई (महाराष्ट्र)। समता नगर पुलिस ने कांदिवली ईस्ट में दूध में मिलावट करने वाले एक बड़े रैकेट का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने एक 48 वर्षीय व्यक्ति को ब्रांडेड दूध के उत्पादों में मिलावट करते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है, जिन्हें वह लोगों को बेचने वाला था। मुंबई पुलिस ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, समता नगर पुलिस के डिटेक्शन स्क्वाड ने कांदिवली ईस्ट में एक घर पर छापा मारा और एक 48 वर्षीय व्यक्ति को ब्रांडेड दूध में अशुद्ध पानी मिलाते रंगे हाथों पकड़ा।"
आवासीय परिसर में चल रहा था अवैध खेल
मुंबई पुलिस की जांच टीम ने मिलावट के कथित धंधे की सूचना मिलने के बाद इलाके में एक आवासीय परिसर पर छापा मारा। छापेमारी के दौरान पुलिस ने अवैध गतिविधि का पर्दाफाश किया और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। मुंबई पुलिस ने बड़ी मात्रा में मिलावटी डेयरी उत्पाद और इस काम में इस्तेमाल होने वाला सामान बरामद किया। जब्त की गई चीजों में मशहूर लेबल वाले 74 लीटर दूध, दूध को पतला करने और बदलने के लिए इस्तेमाल होने वाला मिलावट का सामान और उत्पादों की पैकेजिंग के लिए नकली खाली पाउच शामिल है।
अमूल और गोकुल के नकली पाउच बरामद
उन्होंने कहा, "छापे के दौरान, अमूल और गोकुल लेबल वाले 74 लीटर मिलावटी दूध के साथ-साथ मिलावट का सामान और नकली खाली पाउच जब्त किए गए।" मुंबई पुलिस के मुताबिक भारतीय न्याय संहिता (BNS) और खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया गया है।
संसद में पेश हुए चौंकाने वाले आंकड़े
बता दें कि इससे पहले 31 जुलाई को सरकार ने संसद को बताया कि 2025-26 के दौरान पेय पदार्थों और कैफीनयुक्त ड्रिंक्स सहित 40,000 से अधिक खाद्य नमूने मानकों के अनुरूप नहीं पाए गए, जबकि खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन से जुड़े मामलों में 1,918 लोगों को दोषी ठहराया गया। लोकसभा में एक सवाल का जवाब देते हुए स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव ने बताया कि 2025-26 के दौरान 2,23,808 खाद्य नमूनों का विश्लेषण किया गया। इनमें से 40,023 नमूने मानकों के अनुरूप नहीं पाए गए।
31,878 मामलों में जुर्माना, 1,918 को सजा
सरकार ने कहा कि 31,878 दीवानी मामलों में जुर्माना लगाया गया, जबकि 1,918 आपराधिक मामलों में दोषियों को सजा सुनाई गई। इसमें यह भी कहा गया है कि ये आंकड़े शुरुआती हैं और आगे की लैब टेस्टिंग और अदालती कार्यवाही के बाद इनमें बदलाव हो सकता है। इस आंकड़ों में राज्य और केंद्र शासित प्रदेश के खाद्य सुरक्षा अधिकारियों द्वारा नियमों का पालन न करने वाले खाद्य उत्पादों (जिनमें पेय पदार्थ और कैफीन वाले पेय भी शामिल हैं) के खिलाफ की गई कार्रवाई की जानकारी दी गई है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
प्रश्न 1: मुंबई के कांदिवली में पुलिस ने दूध मिलावट के मामले में क्या-क्या बरामद किया है?
उत्तर: समता नगर पुलिस की छापेमारी में अमूल और गोकुल ब्रांड के लेबल वाले 74 लीटर मिलावटी दूध, दूध को पतला करने वाला सामान और भारी मात्रा में नकली खाली पाउच बरामद किए गए हैं।
प्रश्न 2: आरोपी के खिलाफ किन कानूनों के तहत कार्रवाई की गई है?
उत्तर: आरोपी को गिरफ्तार करके उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।
प्रश्न 3: देश में खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन को लेकर सरकार के क्या आंकड़े सामने आए हैं?
उत्तर: संसद में दिए गए आंकड़ों के अनुसार, 2,23,808 खाद्य नमूनों में से 40,023 नमूने अमानक पाए गए, जिसके बाद 31,878 मामलों में जुर्माना और 1,918 आपराधिक मामलों में सजा सुनाई गई है।
(भाषांतर: Ravi Pandey । इनपुट: ANI)
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