प्राइम न्यूज़ – एक कसम, राष्ट्र प्रथम
Breaking News

NEET केस: तेज प्रताप 14 दिन की न्यायिक हिरासत

NEET प्रदर्शन मामला: तेज प्रताप यादव 14 दिन की न्यायिक हिरासत में

NEET-UG पेपर लीक विवाद पर पटना में हुए प्रदर्शन मामले में JJD अध्यक्ष तेज प्रताप यादव को अदालत ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।

neet प्रदर्शन मामला तेज प्रताप यादव 14 दिन की न्यायिक हिरासत में

NEET Protest Case: Tej Pratap in Custody |

पटना (बिहार): NEET-UG परीक्षा के पेपर लीक विवाद को लेकर पटना के गांधी मैदान में हुए विरोध प्रदर्शन के मामले में जनशक्ति जनता दल (JJD) के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेज प्रताप यादव को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। तेज प्रताप यादव के वकील जगन्नाथ सिंह ने बताया कि सोमवार को जमानत याचिका पर सुनवाई हो सकती है। उन्होंने गिरफ्तारी की प्रक्रिया में अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए कहा, “26 जुलाई को FIR दर्ज की गई थी, जबकि गिरफ्तारी 25 जुलाई को शाम 7:30 बजे सिटी सेंटर मॉल से हुई। मैंने उनकी रिहाई के लिए अदालत में आवेदन दिया है। जज ने सोमवार को जमानत याचिका पर कार्रवाई करने को कहा है। जब मैं सुबह 10:30 बजे नौबतपुर थाने पहुंचा, वहां दो एसपी मौजूद थे। मैंने गिरफ्तारी का कारण पूछा, लेकिन परिवार को भी इसकी जानकारी नहीं थी। हमें अभी तक FIR की कॉपी भी नहीं मिली है।”

बिहार बंद के दौरान लिया गया हिरासत में

शनिवार को पटना में NEET परीक्षा के पेपर लीक के विरोध में प्रदर्शन कर रहे छात्रों के समर्थन में बिहार बंद में शामिल होने के बाद बिहार पुलिस ने तेज प्रताप यादव को हिरासत में लिया। बांकीपुर उपचुनाव से जेजेडी उम्मीदवार वीना मानवी ने पुलिस कार्रवाई के समय और मकसद पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव प्रचार शुरू होने के बाद से पार्टी नेताओं को लगातार परेशान किया जा रहा है। उन्होंने कहा, “13 तारीख से हमारे साथ अत्याचार हो रहा है। पहले नामांकन के दिन मुझे उठाया गया और अब तेज प्रताप यादव को। अगर उन्होंने कोई अपराध किया था तो उसी समय कार्रवाई करनी चाहिए थी। शाम को परिवार के साथ रहते हुए उन्हें गिरफ्तार करने का क्या मतलब था?”

'छात्रों की मांगें जायज हैं'

हिरासत में लिए जाने के दौरान तेज प्रताप यादव ने प्रदर्शनकारी छात्रों का समर्थन करते हुए कहा, “बच्चों की मांगें जायज हैं। सरकार को उनकी मांगें पूरी करनी चाहिए। हम छात्रों और युवाओं के साथ मजबूती से खड़े हैं। उनके लिए अपनी जान देने को भी तैयार हूं।” यह कार्रवाई शनिवार को पटना में प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हुई हिंसक झड़पों के बाद हुई। बिहार बंद के दौरान कथित तौर पर एक ट्रैफिक पुलिस बूथ में तोड़फोड़ की गई। प्रदर्शन के दौरान पत्थरबाजी हुई, जिसके बाद पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे।

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद भी जारी रहा विवाद

NEET-UG पेपर लीक विवाद को लेकर प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की थी। बाद में प्रधान ने छात्रों के हित का हवाला देते हुए अपना इस्तीफा सौंप दिया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा उनका इस्तीफा स्वीकार किए जाने के बाद केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया।

(एएनआई)

यह भी पढ़े: जंतर-मंतर पर सफाई अभियान: कांग्रेस बोली- गंदगी नहीं, सरकार को साफ करने की जरूरत

Related to this topic: