धार। जिले से लगभग 35 किलोमीटर दूर विंध्याचल की खूबसूरत पहाड़ियों की गोद में बसा ऐतिहासिक शहर...
विंध्याचल की पहाड़ियों की गोद में है मांडू, यह प्रेम, इतिहास व बेजोड़ स्थापत्य की है जादुई नगरी |
धार। जिले से लगभग 35 किलोमीटर दूर विंध्याचल की खूबसूरत पहाड़ियों की गोद में बसा ऐतिहासिक शहर मांडू हमेशा से सैलानियों और इतिहास प्रेमियों के नूठा और जीवंत संगम है। इसे प्राचीन काल में 'शादियाआकर्षण का केंद्र रहा है। मांडू सिर्फ एक पर्यटन स्थल नहीं, बल्कि इतिहास, अमर प्रेम गाथाओं और वास्तुकला का एक अबाद' यानी 'आनंद की नगरी' भी कहा जाता था।
मांडू का सबसे बड़ा आकर्षण है जहाज महल
मांडू का सबसे बड़ा और प्रमुख आकर्षण यहां का जहाज महल है। यह महल अपनी अनूठी जल संरचना और बेहतरीन वास्तुकला के लिए दुनिया भर में मशहूर है। यहां की विशेषता हैं, दो कृत्रिम तालाबों (कपूर तालाब और मुंज तालाब)। इस महल की बनावट ऐसी है कि बारिश के मौसम में जब इसके चारों तरफ पानी भर जाता है, तो यह दूर से किसी पानी में तैरते हुए विशाल जहाज की तरह दिखाई देता है। मानसून के समय यहां का नजारा बेहद जादुई हो जाता है।
रानी रूपमती मंडप और बाज बहादुर महल अमर प्रेम प्रसिद्ध है
मांडू की हवाओं में आज भी सुल्तान बाज बहादुर और रानी रूपमती की अमर प्रेम कहानी घुली हुई है। रानी रूपमती मंडप विंध्याचल की ऊंची पहाड़ी के छोर पर स्थित है। यहां से नीचे बहने वाली पवित्र नर्मदा नदी की घाटी का बेहद मनोरम और विहंगम दृश्य दिखाई देता है। कहा जाता है कि रानी रूपमती रोजाना नर्मदा जी के दर्शन के बाद ही अन्न-जल ग्रहण करती थीं।
बाज बहादुर महल शानदार महल है। यह संगीत और प्रेम की सुंदर यादों को समेटे हुए है, जो अपनी विशाल संरचना और ध्वनि गूंजने वाले (Acoustic) आंगन के लिए जाना जाता है।
कई और ऐतिहासिक धरोहरें
मांडू में भारतीय और अफगान वास्तुकला के कई और बेहतरीन बेजोड़ नमूने मौजूद हैं, जो पर्यटकों का दिल जीत लेते हैं। यहां के हिंडोला महल की झुकी हुई दीवारें पर्यटकों को ऐसा अहसास कराती हैं जैसे कोई हिंडोला (झूला) झूल रहा हो। जामा मस्जिद को दिल्ली की जामा मस्जिद की तर्ज पर बनाया गया है। यह मस्जिद अपनी विशालता और सादगी के लिए प्रसिद्ध है।
होशंगशाह का मकबरा
यह देश की पहली ऐसी इमारत है जो पूरी तरह से संगमरमर (Marble) से बनाई गई थी। माना जाता है कि ताजमहल के निर्माण के लिए शाहजहाँ के कारीगरों ने इसी मकबरे से प्रेरणा ली थी।
मांडू की यात्रा का श्रेष्ठ समय
मांडू में साल भर पर्यटकों का आना-जाना लगा रहता है, लेकिन मानसून (बारिश) और सर्दियों के मौसम में मांडू का प्राकृतिक सौंदर्य अपने चरम पर होता है। बारिश के दिनों में चारों तरफ फैली मखमली हरियाली, पहाड़ों पर तैरते बादल और ऐतिहासिक महलों का पानी में झलकता अक्स इसे धरती का स्वर्ग बना देता है।
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