इनरवा थाना क्षेत्र के इनरवा बाजार निवासी नवविवाहिता की मौत की खबर से परिजनों में कोहराम मच गया है। मृतका की पहचान खुश्बू खातून के रूप में हुई है।
बेतिया (बिहार)। इनरवा थाना क्षेत्र के इनरवा बाजार की एक बेटी दहेज की आग में बुझ गई। महज छह माह पहले जिस घर से खुश्बू खातून की डोली बड़े अरमानों के साथ उठी थी, वहीं से अब उसकी मौत की दर्दनाक खबर आने से परिजनों में कोहराम मच गया है। मृतका की पहचान इनरवा थाना क्षेत्र के इनरवा बाजार निवासी असरफ मियां की 20 वर्षीय पुत्री खुश्बू खातून के रूप में हुई है।
दहेज की मांग को लेकर प्रताड़ना का आरोप
परिजनों के अनुसार, खुश्बू की शादी 19 जनवरी को नेपाल के परसा जिला स्थित श्रीपुर चौकी के समीप राधेमाई नगरपालिका में हुई थी। आरोप है कि शादी के कुछ दिनों बाद से ही ससुराल पक्ष द्वारा दहेज में एक नेपाली बाइक और तीन लाख नेपाली रुपये की मांग की जाने लगी। मांग पूरी नहीं होने पर खुश्बू को लगातार प्रताड़ित किया जाता था और जान से मारने की धमकियां दी जाती थीं।
कई पंचायतों के बावजूद नहीं सुलझा विवाद
बताया जा रहा है कि बीते छह माह के दौरान दोनों पक्षों के बीच विवाद को सुलझाने के लिए छह बार पंचायत भी हुई थी। यहां तक कि घटना से पांच दिन पहले भी एक पंचायत आयोजित की गई थी, लेकिन इसके बावजूद मामला शांत नहीं हो सका। परिजनों का आरोप है कि मंगलवार की रात खुश्बू की गला दबाकर हत्या कर दी गई और बाद में उसे फंदे से लटकाकर आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की गई।
न्याय की मांग, आरोपियों पर कार्रवाई की गुहार
इस मामले में मृतका के पति अरबाज आलम (24 वर्ष), ससुर आस मोहम्मद मियां (55 वर्ष) सहित अन्य परिजनों पर हत्या का आरोप लगाया गया है। घटना के बाद नेपाली पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया। इधर, खुश्बू की मौत से उसके मायके में मातम पसरा हुआ है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। जिस बेटी को खुशहाल जीवन की उम्मीद के साथ विदा किया गया था, उसकी अर्थी वापस आने से पूरा परिवार सदमे में है। अब परिजन आरोपितों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और खुश्बू को न्याय दिलाने की मांग कर रहे हैं।
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