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स्कूल और अस्पताल पहुंचना हुआ मुश्किल

मयार नदी पर पुल नहीं, हर बारिश में कटता है जीर गांव का संपर्क

मयार नदी पर पुल नहीं होने के कारण हर बारिश में क्षेत्र का संपर्क प्रभावित हो जाता है।

मयार नदी पर पुल नहीं हर बारिश में कटता है जीर गांव का संपर्क

No bridge over the Mayar River; Jeer village gets cut off during every monsoon |

सिंगरौली,(मध्य प्रदेश)। जिला बनने के वर्षों बाद भी सुदूर वनांचल क्षेत्र जीर-अवराटोला के ग्रामीण मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। मयार नदी पर पुल नहीं होने के कारण हर बारिश में क्षेत्र का संपर्क प्रभावित हो जाता है। चंद घंटों की तेज बारिश के बाद नदी का जलस्तर बढ़ने से ग्रामीणों का आवागमन पूरी तरह ठप पड़ जाता है और लोगों को घंटों नदी का पानी उतरने का इंतजार करना पड़ता है।

सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों को

सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों को होती है। जीर गांव से विंदूल की दूरी करीब 10 किलोमीटर है, जहां बच्चों को पढ़ाई के लिए प्रतिदिन आना-जाना पड़ता है। वहीं कुछ विद्यार्थी माड़ा भी शिक्षा ग्रहण करने के लिए जाते हैं। बारिश के दौरान नदी उफान पर होने से बच्चे स्कूल नहीं पहुंच पाते, जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित होती है।

स्वास्थ्य सेवाएं भी बारिश के दिनों में प्रभावित

स्वास्थ्य सेवाएं भी बारिश के दिनों में प्रभावित हो जाती हैं। मरीजों को अस्पताल तक पहुंचाने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। आपातकालीन स्थिति में समय पर उपचार नहीं मिल पाने का खतरा बना रहता है।

कई बार पुल निर्माण की मांग

ग्रामीणों का कहना है कि मयार नदी, जो छत्तीसगढ़ से होकर जीर क्षेत्र से गुजरती है, उस पर पुल निर्माण की मांग को लेकर कई बार कलेक्टर एवं संबंधित विभागों को आवेदन दिए जा चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई। उनका कहना है कि सड़क, पुल और शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं के अभाव में क्षेत्र का समुचित विकास संभव नहीं है।

मयार नदी पर शीघ्र पुल निर्माण कराने की मांग

गौरतलब है, कि जीर गांव जिला मुख्यालय सिंगरौली से लगभग 60 किलोमीटर दूर स्थित है। ग्रामीणों ने जनप्रतिनिधियों और जिला प्रशासन से मयार नदी पर शीघ्र पुल निर्माण कराने की मांग की है, ताकि वर्षा ऋतु में आवागमन सुचारु रहे और बच्चों, मरीजों तथा आम नागरिकों को होने वाली परेशानी से स्थायी राहत मिल सके। 

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