विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में गुरुवार देर रात आतंकी हमले जैसी स्थिति बनाकर सुरक्षा एजेंसियों ने मॉक ड्रिल की। रात 11 बजे शुरू हुआ अभ्यास रात 2 बजे तक चला।
उज्जैन : विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में गुरुवार देर रात आतंकी हमले जैसी स्थिति बनाकर सुरक्षा एजेंसियों ने मॉक ड्रिल की। रात 11 बजे शुरू हुआ अभ्यास रात 2 बजे तक चला। इस दौरान नीलकंठ द्वार और नंदी द्वार के आसपास का क्षेत्र खाली कराया गया तथा लाइटें बंद कर दी गईं। इसके बाद 100 से अधिक एनएसजी कमांडो ने मोर्चा संभाला। हालांकि, यह वास्तविक आतंकी हमला नहीं, बल्कि सिंहस्थ-2028 से पहले सुरक्षा तैयारियों को परखने के लिए किया गया अभ्यास था।
ब्लैक कैट कमांडो ने संभाली सुरक्षा की कमान
मॉक ड्रिल के दौरान एनएसजी के ब्लैक कैट कमांडो हथियारों और सुरक्षा संसाधनों के साथ महाकाल लोक के मानसरोवर क्षेत्र से त्रिनेत्र कंट्रोल रूम के बीच आगे बढ़े। अभ्यास में काल्पनिक हमले से निपटने, खतरे को निष्क्रिय करने और श्रद्धालुओं को सुरक्षित निकालने की तैयारियों का आकलन किया गया।
कई सुरक्षा एजेंसियों ने लिया हिस्सा
इस संयुक्त अभ्यास में एनएसजी के साथ एटीएस, महाकाल थाना पुलिस, महाकाल लोक थाना पुलिस, जिला प्रशासन और मंदिर प्रशासन की टीमें शामिल रहीं। आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई, प्रवेश और निकास मार्गों की सुरक्षा तथा विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय को परखा गया। एडिशनल एसपी आलोक शर्मा के अनुसार, मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और एजेंसियों के बीच तालमेल बेहतर बनाने के लिए यह अभ्यास किया गया। अधिकारियों ने ऑपरेशन की विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की। गौरतलब है कि महाकाल मंदिर में 26 सितंबर 2023 को भी एनएसजी ने आतंकी घटना से निपटने और बचाव अभियान की मॉक ड्रिल की थी। सिंहस्थ-2028 में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आगमन की संभावना को देखते हुए यह अभ्यास सुरक्षा तैयारियों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
ये भी पढ़ें: समस्तीपुर में होटल संचालक पर ताबड़तोड़ फायरिंग, हालत नाजुक; CCTV फुटेज आया सामने