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ओडिशा किताबों की गलती पर सियासत तेज

ओडिशा की पाठ्यपुस्तकों में कथित त्रुटियों पर सियासत तेज, कांग्रेस ने सरकार पर साधा निशाना

ओडिशा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष संतोष सिंह सलूजा ने कक्षा 1 से 8 तक की पाठ्यपुस्तकों में कथित त्रुटियों को लेकर राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

ओडिशा की पाठ्यपुस्तकों में कथित त्रुटियों पर सियासत तेज कांग्रेस ने सरकार पर साधा निशाना

Odisha textbook controversy grows |

भुवनेश्वर: ओडिशा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष संतोष सिंह सलूजा ने कक्षा 1 से 8 तक की पाठ्यपुस्तकों में कथित त्रुटियों को लेकर राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि किताबों में बड़ी संख्या में गलतियां हैं, जिससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।

'बच्चों का हो रहा है शोषण'

एएनआई से बातचीत में संतोष सिंह सलूजा ने कहा, "ओडिशा के इतिहास में पहली बार बच्चों का शोषण हो रहा है। कक्षा 1 से 8 तक की पाठ्यपुस्तकों में इतनी गलतियां हैं कि बच्चों के भविष्य पर असर पड़ सकता है।"

शिक्षकों की कमी पर भी उठाए सवाल

सलूजा ने कहा कि स्कूल प्रबंधन का कहना है कि शिक्षक किताबों की गलतियां सुधारकर पढ़ाएंगे, लेकिन यह व्यवहारिक नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में शिक्षकों की भारी कमी है और शिक्षा व्यवस्था गंभीर चुनौतियों का सामना कर रही है।

सीबीआई जांच की मांग

कांग्रेस नेता ने शिक्षा से जुड़े ठेकों में अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए कहा कि पूरे मामले की सीबीआई जांच होनी चाहिए। उनका आरोप है कि ठेका भाजपा से जुड़े एक अधिकारी के परिजन को दिया गया है और इसकी निष्पक्ष जांच जरूरी है।

नवीन पटनायक ने भी सरकार को घेरा

इससे पहले 17 जून को बीजेडी अध्यक्ष नवीन पटनायक ने भी पाठ्यपुस्तकों में कथित त्रुटियों को लेकर राज्य सरकार की आलोचना की थी। उन्होंने कहा था कि कक्षा 8 की ओड़िया पाठ्यपुस्तक में हजारों गलतियां सामने आना सरकार की लापरवाही को दर्शाता है। उनका आरोप था कि सरकार समय पर सही और त्रुटिरहित किताबें उपलब्ध कराने में विफल रही है।

शिक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

नवीन पटनायक ने कहा कि शिक्षा बच्चों के भविष्य की नींव है, लेकिन पाठ्यपुस्तकों में वर्तनी की गलतियां, प्रमुख हस्तियों के नामों का गलत उल्लेख और अन्य त्रुटियां चिंता का विषय हैं। उन्होंने सरकार से त्रुटिरहित पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध कराने और बच्चों को बेहतर शिक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।

शिक्षकों ने भी जताई थी आपत्ति

यह विवाद तब सामने आया जब ओडिशा के सरकारी स्कूलों के कुछ शिक्षकों ने कक्षा 1 से 8 तक की नई पाठ्यपुस्तकों में वर्तनी की गलतियों, प्रमुख हस्तियों के गलत उल्लेख और अन्य त्रुटियों की ओर ध्यान दिलाया।

(एएनआई)

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