भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार ने जनगणना और चुनाव कार्य में तैनात शिक्षकों के हित में एक महत्वपूर्ण निर्णय...
भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार ने जनगणना और चुनाव कार्य में तैनात शिक्षकों के हित में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। दिल्ली सरकार के मॉडल को अपनाते हुए अब मध्य प्रदेश के शिक्षकों को भी गैर-शैक्षणिक कार्यों यथा जनगणना और चुनाव ड्यूटी के बदले अर्जित अवकाश (Earned Leave) की सुविधा मिलेगी। यह फैसला 1 मई, 2026 से शुरू हुई जनगणना ड्यूटी के साथ ही प्रभावी हो गया है।
शिक्षकों को ई-अटेंडेंस अनिवार्य
ड्यूटी के दौरान पारदर्शिता बनाए रखने के लिए शिक्षकों को ई-अटेंडेंस (E-Attendance) लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। शासकीय शिक्षक संगठन मध्य प्रदेश ने लंबे समय से दिल्ली की तर्ज पर यह मांग रखी थी, जिसे अब राज्य सरकार ने स्वीकार कर लिया है।
राज्य सरकार का निर्देश
राज्य सरकार द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, शिक्षक संवर्ग के लोक सेवकों को उनके विश्राम अवकाश (Summer Vacation) या छुट्टियों के दौरान यदि जनगणना, निर्वाचन (चुनाव) या अन्य किसी महत्वपूर्ण प्रशासनिक कार्य के लिए बुलाया जाता है तो उन्हें उस अवधि के बदले अर्जित अवकाश का लाभ दिया जाएगा।
शिक्षकों को यह होगा फायदा
जो शिक्षक अपनी छुट्टियों के दौरान सरकारी काम करेंगे, उनकी वे छुट्टियां 'Earned Leave' के रूप में उनके खाते में जुड़ जाएंगी। इन छुट्टियों का उपयोग भविष्य में किया जा सकेगा या नियमानुसार रिटायरमेंट के समय इनका नकद भुगतान (Leave Encashment) प्राप्त हो सकेगा। इससे पहले दिल्ली सरकार अपने शिक्षकों को इसी तरह गैर-शैक्षणिक कार्यों के बदले अतिरिक्त अवकाश की सुविधा देती रही है।
शिक्षकों को अब अपनी ड्यूटी स्थल पर मोबाइल ऐप के माध्यम से ई-अटेंडेंस दर्ज करनी होगी, ताकि उनकी उपस्थिति और कार्य अवधि का सही रिकॉर्ड रखा जा सके और उसी के आधार पर उनकी अर्न लीव की गणना हो सके।
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