औरंगाबाद में पटना निगरानी विभाग की टीम ने सोमवार को वन स्टॉप सेंटर की प्रभारी कांति कुमारी को कथित तौर पर 10 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया।
औरंगाबाद: सोमवार को निगरानी विभाग पटना की टीम ने वन स्टॉप सेंटर की प्रभारी कांति कुमारी को 10 हज़ार रुपये रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि एक केस मैनेज के नाम पर वन स्टॉप सेंटर की प्रभारी रिश्वत ले रही थी। टीम वन स्टॉप सेंटर की प्रभारी को लेकर पटना चली गई है, जहां आवश्यक औपचारिकताओं को पूरा कर मंगलवार को निगरानी के स्पेशल कोर्ट में पेश किया जाएगा।
वन स्टॉप सेंटर प्रभारी पर शिकंजा
निगरानी विभाग की टीम द्वारा छापेमारी का कार्य इतने गुप्त तरीके से किया गया कि किसी को इसकी भनक तक नहीं लग सकी। यह कार्रवाई टंडवा थाना क्षेत्र के सिकरिया मनिहारी गांव निवासी जीविका दीदी पूनम देवी की शिकायत के आधार पर की गई। निगरानी विभाग की इस कार्रवाई के बाद समाहरणालय में हड़कंप मच गया। जानकारी के अनुसार, पूनम देवी का जमीन पर नाली बहाने को लेकर विवाद चल रहा था। इसी विवाद को खत्म कराने में मदद करने के नाम पर वन स्टॉप सेंटर की प्रभारी द्वारा कथित तौर पर 15 हजार रुपये की मांग की गई थी। रुपये की मांग से परेशान पूनम देवी ने मामले की शिकायत पटना निगरानी विभाग से की। शिकायत मिलने के बाद विभाग ने पहले मामले का सत्यापन कराया।
निगरानी टीम ने रंगेहाथ पकड़ा
सत्यापन के दौरान रिश्वत मांगे जाने की पुष्टि होने के बाद निगरानी विभाग की टीम ने कार्रवाई की योजना बनाई। सोमवार को पूनम देवी को 10 हजार रुपये लेकर कांति कुमारी के कार्यालय पहुंचने को कहा गया। जैसे ही पूनम देवी ने कांति कुमारी को रुपये दिए, पहले से मौजूद निगरानी टीम ने उन्हें पकड़ लिया। टीम ने उनके पास से रिश्वत की राशि भी बरामद कर ली। बताया गया कि कांति कुमारी समाहरणालय स्थित अपने कार्यालय में नाली विवाद को खत्म कराने और मामले में मदद करने के नाम पर पैसे ले रही थीं। कार्रवाई निगरानी पुलिस उपाधीक्षक ऋषिता स्नेह के नेतृत्व में की गई।
कांति कुमारी को साथ ले गई निगरानी टीम
निगरानी विभाग की टीम कांति कुमारी को अपने साथ ले गई। इसके बाद आगे की कानूनी कार्रवाई में जुट गई। रिश्वत की कथित मांग किस उद्देश्य से की गई थी और इसमें कोई अन्य व्यक्ति शामिल था या नहीं, इसकी भी जांच की जा रही है। मामले में निगरानी विभाग की ओर से आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है। निगरानी विभाग की इस कार्रवाई से सरकारी कार्यालयों में रिश्वतखोरी के खिलाफ चल रही कार्रवाई को लेकर कर्मचारियों और अधिकारियों में चर्चा शुरू हो गई।
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