MP News : मंदसौर। शिवना नदी के तट पर आस्था, शिल्प और भव्यता का अद्भुत संगम बनकर उभरा पशुपतिनाथ लोक अब मंदसौर की आध्यात्मिक पहचान को नई ऊंचाई दे रहा है।
MP News : मंदसौर। शिवना नदी के तट पर आस्था, शिल्प और भव्यता का अद्भुत संगम बनकर उभरा पशुपतिनाथ लोक अब मंदसौर की आध्यात्मिक पहचान को नई ऊंचाई दे रहा है। आकर्षक लाइटिंग से सजा यह लोक निरवरा और दिव्य स्वरूप में उभरा है। गुरुवार को मुख्यमंत्री ने इसका लोकार्पण किया।
शिवनी नदी तट पर 10 बीधा में फैला है
शिवना नदी के तट पर फैला पशुपतिनाथ लोक करीब 10 बीघा से अधिक क्षेत्रफल में फैला हुआ है। राजस्थान के लाल पत्थरों से निर्मित व पारंपरिक नक्काशी कला का उत्कृष्ट उदाहरण है। यह परिसर धार्मिक, वास्तुकला और सांस्कृतिक विरासत का भी प्रतीक बनकर उभरा है।
अयोध्या शैली, चारो दिशा में प्रवेश मार्ग
पशुपतिनाथ लोक का निर्माण अयोध्या शैली में किया गया है। चारों दिशाओं से सुव्यवस्थित प्रवेश मार्ग बनाए गए हैं। परिसर में शिव लीलाओं पर आधारित विशाल म्यूरल वॉल (भित्ति चित्र) दर्शकों को आध्यात्मिक अनुभूति देता है। आकर्षक लाइटिंग परिसर को अलौकिक आभा से भर देती है।
महाकाल लोक की तर्ज पर अलौकिक विकास
8 दिसंबर 2022 को मंदसौर गौरव दिवस के अवसर पर तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के समक्ष महाकाल लोक की तर्ज पर भव्य पशुपतिनाथ लोक निर्माण का प्रस्ताव रखा गया था। इसके बाद 6 अक्टूबर 2023 को इसका विधिवत लोकार्पण किया गया।
मप्र, राजस्थान व गुजरात के सैकड़ों कारीगरों की कड़ी मेहनत
इस भव्य परियोजना को साकार करने में मध्यप्रदेश के साथ-साथ राजस्थान और गुजरात के सैकड़ों कारीगरों ने करीब 2 माह तक लगातार कार्य किया। उनकी मेहनत और कला का परिणाम आज पशुपतिनाथ लोक के रूप में सामने है, जो श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए आकर्षण का नया केंद्र बन गया है। पशुपतिनाथ लोक के लोकार्पण के साथ ही मंदसौर को एक नई धार्मिक और पर्यटन पहचान मिली है।
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