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हादसे के बाद ट्रक लेकर फरार हुआ चालक

मध्य प्रदेश में NH-52 पर भीषण हादसा, अवैध लकड़ी से भरे ट्रक की मजदूरों से भरी बस की टक्कर, एक यात्री की मौत, 18 घायल

शाजापुर जिले के सुनेरा थाना क्षेत्र के आगरा-मुंबई राष्ट्रीय राजमार्ग-52 पर शुक्रवार देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। इसमें एक यात्री की मौत हो गई, जबकि 18 लोग घायल हो गए।

मध्य प्रदेश में nh-52 पर भीषण हादसा अवैध लकड़ी से भरे ट्रक की मजदूरों से भरी बस की टक्कर एक यात्री की मौत 18 घायल

आगरा-मुंबई राष्ट्रीय राजमार्ग पर हादसे के बाद क्षतिग्रस बस |

शाजापुर : मध्य प्रदेश के शाजापुर जिले के सुनेरा थाना क्षेत्र के आगरा-मुंबई राष्ट्रीय राजमार्ग-52 पर शुक्रवार देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। अवैध रूप से लकड़ी ले जा रहे एक ट्रक में मजदूरों से भरी एक तेज रफ्तार बस ने पीछे से टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बस का अगला हिस्सा पूरी तरह चकनाचूर हो गया। इस हादसे में एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 18 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं।

हादसे में बस चालक की मौत

​मृतक बस का चालक है, जिसकी शिनाख्त अभी नहीं हो सकी है। हालांकि, उसके हाथ पर 'मोहर सिंह' गुदा हुआ पाया गया है। ​टक्कर के बाद अवैध लकड़ी से भरा ट्रक भी क्षतिग्रस्त हो गया है। टक्कर के बाद ट्रक पर लदी कीमती लकड़ियों के टुकड़े राष्ट्रीय राजमार्ग पर दूर-दूर तक बिखर गए। इसके बावजूद, ट्रक चालक दुर्घटनाग्रस्त वाहन को लेकर मौके से फरार होने में कामयाब रहा। हैरानी की बात है कि रात के समय नाकेबंदी और गश्त का दावा करने वाली पुलिस इस क्षतिग्रस्त ट्रक को पकड़ने में पूरी तरह नाकाम साबित हुई।

 ​तस्करों ने साफ किए सबूत, पुलिस साधे रही चुप्पी

पूरे घटनाक्रम में सुनेरा पुलिस की सुस्ती और कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। हादसे के बाद जहां एक ओर चीख-पुकार मची थी, वहीं दूसरी ओर रात के अंधेरे में ही कुछ लोग ट्रैक्टर और लोडिंग वाहन लेकर मौके पर पहुंचे और हाईवे पर बिखरी अवैध लकड़ियों को समेटकर चंपत हो गए।

पुलिस पर उठ रहे सवाल

​जानकारों का कहना है कि यदि पुलिस चोरी-छिपे हाईवे से लकड़ी उठा रहे लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ करती, तो जिले में सक्रिय लकड़ी माफिया और अवैध परिवहन के बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश हो सकता था। लेकिन, सुनेरा थाना पुलिस ने इस दिशा में कोई तत्परता नहीं दिखाई और पूरे मामले पर चुप्पी साधे रही। इस उदासीनता ने रात के अंधेरे में शाजापुर जिले से होकर गुजरने वाले अवैध परिवहन और पुलिस की गश्त पर बड़ा सवालिया निशान लगा दिया है।

घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया 

​घायलों को जिला अस्पताल लाया गया, एक वृद्ध महिला इंदौर रेफर घटना की सूचना मिलते ही पुलिस के डायल 112 वाहन और एंबुलेंस की मदद से सभी 18 घायलों को तुरंत जिला अस्पताल शाजापुर पहुंचाया गया। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद बताया कि अधिकतर घायलों की हालत स्थिर है। वहीं, एक बुजुर्ग महिला की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद तत्काल इंदौर रेफर किया गया है। शेष घायलों का उपचार जिला अस्पताल में जारी है। ​फिलहाल, पुलिस ने मामला दर्ज कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और जांच शुरू कर दी है। 

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