पवन खेड़ा ने अग्निवीरों की सेवा अवधि दो साल बढ़ाने के फैसले को चुनावों से जोड़ते हुए केंद्र सरकार पर यू-टर्न लेने का आरोप लगाया।
जयपुर (राजस्थान)। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने बुधवार को अग्निवीरों की सेवा अवधि दो साल बढ़ाने के केंद्र सरकार के फैसले की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि कई राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले सरकार ने अपना रुख बदलते हुए 'यू-टर्न' लिया है। खेड़ा ने इस फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा कि अतिरिक्त सेवा अवधि पूरी होने के बाद इन युवाओं के भविष्य का क्या होगा। उन्होंने अग्निपथ योजना को लेकर कांग्रेस के पुराने विरोध का भी जिक्र किया।
अग्निपथ योजना को लेकर कांग्रेस ने फिर जताया विरोध
चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल एनएस राजा सुब्रमणि की घोषणा पर प्रतिक्रिया देते हुए पवन खेड़ा ने कहा कि कांग्रेस शुरुआत से ही अग्निपथ योजना का विरोध करती रही है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने भी इस योजना का विरोध किया था। खेड़ा के मुताबिक, इस योजना का असर केवल सशस्त्र बलों पर ही नहीं, बल्कि इसमें शामिल होने वाले युवाओं के भविष्य पर भी पड़ रहा है।
दो साल बाद युवाओं के रोजगार पर उठाया सवाल
ANI से बातचीत में पवन खेड़ा ने कहा, "हमने शुरू से ही अग्निवीर योजना का विरोध किया है। राहुल गांधी जी ने भी इसका विरोध किया था। यह योजना न केवल हमारे सशस्त्र बलों को, बल्कि देश के युवाओं को भी नुकसान पहुंचा रही है - दो साल और बीत जाने के बाद आप उन्हें सड़कों पर बेरोजगार छोड़ देंगे। हमने इसी बात को लेकर इसका विरोध किया है।"
उत्तर प्रदेश, पंजाब और उत्तराखंड के चुनावों से जोड़ा फैसला
कांग्रेस नेता ने अग्निवीरों की सेवा अवधि बढ़ाने के फैसले को उत्तर प्रदेश, पंजाब और उत्तराखंड में होने वाले विधानसभा चुनावों से जोड़कर देखा। उन्होंने आरोप लगाया कि इन राज्यों में बड़ी संख्या में युवा सशस्त्र बलों में भर्ती होना चाहते हैं, इसलिए चुनावों को देखते हुए केंद्र सरकार ने अपना फैसला बदला है। खेड़ा ने कहा, "उत्तर प्रदेश, पंजाब और उत्तराखंड में चुनाव आ रहे हैं। इन राज्यों के बहुत से युवा सशस्त्र बलों में जाना चाहते हैं। इसलिए, डर के मारे सरकार ने 'यू-टर्न' ले लिया है।"
25 प्रतिशत अग्निवीरों के नियमित सेना में शामिल होने पर चर्चा
केंद्र सरकार की नई व्यवस्था का जिक्र करते हुए खेड़ा ने कहा कि 25 प्रतिशत अग्निवीरों को उनकी योग्यता (मेरिट) के आधार पर नियमित सेना में शामिल किया जाएगा, जबकि शेष 75 प्रतिशत को दो साल की अतिरिक्त सेवा अवधि मिलेगी। उन्होंने इस व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए पूछा कि अतिरिक्त दो साल की सेवा पूरी करने के बाद भी जो युवा नियमित सेना में शामिल नहीं हो पाएंगे, उनका भविष्य क्या होगा।
पवन खेड़ा ने पूछा- बाकी 75 प्रतिशत अग्निवीरों का क्या होगा?
इस मुद्दे पर सवाल उठाते हुए पवन खेड़ा ने कहा, "वे कहते हैं कि वे 25 प्रतिशत लोगों को सेना में शामिल कर लेंगे और बाकी लोगों को दो साल का एक्सटेंशन देंगे। आप 25 प्रतिशत को तो शामिल कर लेंगे, लेकिन बाकी 75 प्रतिशत लोगों का क्या होगा? दो साल बाद, क्या वे फिर से सड़कों पर आ जाएंगे, या आप फिर से कोई यू-टर्न ले लेंगे? जब आप बिना सोचे-समझे कोई योजना लाते हैं, तो उसका यही हश्र होता है।"
उन्होंने अतिरिक्त सेवा अवधि के बाद युवाओं के रोजगार और भविष्य को लेकर केंद्र सरकार से जुड़े फैसले पर सवाल उठाए। (Source: ANI)
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