ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच जारी युद्ध की स्थिति के कारण वैश्विक स्तर पर एलपीजी की सप्लाई चेन बुरी तरह प्रभावित हुई है।
भोपाल। ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच जारी युद्ध की स्थिति के कारण वैश्विक स्तर पर एलपीजी की सप्लाई चेन बुरी तरह प्रभावित हुई है। भारत अपनी जरूरतों का लगभग 60% एलपीजी आयात करता है। इसका 90 फीसदी हिस्सा होर्मुज जलडमरूमध्य समुद्री मार्ग से आता है। इस मार्ग में बाधा आने से घरेलू और व्यावसायिक गैस की किल्लत शुरू हो गई है। भोपाल के होटल और रेस्टोरेंट सेक्टर पर 'तालाबंदी' का खतरा मंडराने लगा है क्योंकि कमर्शियल सिलेंडरों की सप्लाई अस्थायी रूप से रोक दी गई है।
PNG है सुरक्षित और सुलभ विकल्प
सप्लाई के इस अनिश्चित दौर में पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) घरों के लिए एक भरोसेमंद विकल्प बनकर उभरी है। भोपाल में थिंक गैस (Think Gas) जैसी कंपनियां यह सेवा प्रदान कर रही हैं। यह सीधे पाइपलाइन के जरिए आती है, इसलिए सिलेंडर खत्म होने या बुकिंग के लिए इंतजार करने का झंझट नहीं है। एलपीजी के मुकाबले यह सस्ती पड़ती है और हवा से हल्की होने के कारण रिसाव होने पर जल्दी फैल जाती है, जिससे आग लगने का खतरा कम होता है। घर में भारी-भरकम सिलेंडर रखने की जगह बचती है।
PNG कनेक्शन लेने की आसान प्रक्रिया
नया PNG कनेक्शन लेने की प्रक्रिया काफी सरल है। संबंधित कंपनी (जैसे थिंक गैस) की वेबसाइट या मोबाइल ऐप पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के लिए आधार कार्ड, बिजली का बिल या घर के मालिकाना हक का प्रमाण देना होता है। रजिस्ट्रेशन के बाद कंपनी घर का सर्वे करते हैं और कुछ ही दिनों में पाइपलाइन फिटिंग और मीटर लगा दिया जाता है। कई कंपनियां वर्तमान संकट को देखते हुए आसान किस्तों या कम सिक्योरिटी डिपॉजिट पर कनेक्शन दे रही हैं। सरकार ने उन उपभोक्ताओं से अपनी एलपीजी आईडी सरेंडर करने या सिलेंडर न बुक करने का आग्रह किया है जिनके पास पहले से पीएनजी कनेक्शन मौजूद है, ताकि जरूरतमंदों को गैस मिल सके।
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