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प्रशांत किशोर का पुलिस प्रशासन पर बड़ा आरोप

पटना उपचुनाव: प्रशांत किशोर का पुलिस प्रशासन पर बड़ा आरोप, SSP के खिलाफ चुनाव आयोग में की शिकायत

बांकीपुर उपचुनाव से पहले प्रशांत किशोर ने पटना SSP पर गंभीर आरोप लगाए। जन सुराज ने चुनाव में पुलिस पक्षपात, वोटरों को डराने और नेताओं की हिरासत को लेकर चुनाव आयोग में शिकायत दर्ज कराई।

पटना उपचुनाव प्रशांत किशोर का पुलिस प्रशासन पर बड़ा आरोप ssp के खिलाफ चुनाव आयोग में की शिकायत

Jan Suraaj founder Prashant Kishor |

पटना (बिहार)। बिहार में बढ़ते राजनीतिक तनाव के बीच, जन सुराज के संस्थापक और बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के लिए पार्टी के उम्मीदवार प्रशांत किशोर ने जिला प्रशासन के खिलाफ सीधा मोर्चा खोल दिया है। ANI से बात करते हुए, किशोर ने बताया कि उनकी पार्टी ने पटना के सीनियर सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (SSP) के खिलाफ सबूतों के साथ औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने स्थानीय पुलिस-प्रशासन पर जबरदस्ती करने, वोटरों को डराने-धमकाने, राजनीतिक नेताओं को गैर-कानूनी तरीक़े से हिरासत में लेने और पिछले तीन दिनों में चुनाव प्रक्रिया के दौरान किसी खास राजनीतिक दल को फायदा पहुंचाने के लिए पक्षपातपूर्ण हरकतें करने का आरोप लगाया है।

SSP के खिलाफ सबूतों के साथ शिकायत का दावा

मुख्य निर्वाचन अधिकारी से मुलाकात के बाद, चुनाव अधिकारियों के साथ हुए टकराव और आगे की कार्रवाई के बारे में बताते हुए प्रशांत किशोर ने कहा, "हमने पटना SSP के खिलाफ लिखित सबूतों के साथ औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है। यह शिकायत चुनाव के दौरान पिछले तीन दिनों में पुलिस के व्यवहार को लेकर है - खासकर उनकी हरकतों, वोटरों को डराने-धमकाने, राजनीतिक नेताओं को हिरासत में लेने और जिस तरह से पुलिस ने किसी खास पार्टी के पक्ष में काम किया।"

निर्वाचन अधिकारी ने जांच का दिया भरोसा

जन सुराज के प्रतिनिधिमंडल द्वारा लिखित सबूत सौंपने के बाद, स्थानीय निर्वाचन अधिकारी ने शिकायत को स्वीकार कर लिया है और औपचारिक जांच का वादा करते हुए जांच के नतीजों के आधार पर कार्रवाई का भरोसा दिलाया है। किशोर ने आगे कहा, "निर्वाचन अधिकारी ने कहा है कि जांच के आदेश दिए जा रहे हैं और रिपोर्ट मिलने के बाद सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। अगर यहां कोई कार्रवाई नहीं होती है, तो हम दिल्ली में चुनाव आयोग और जरूरत पड़ने पर कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे। किसी भी हाल में पटना SSP या किसी अन्य पुलिस अधिकारी को बिहार में लोकतंत्र को कमजोर करने और अपने एजेंडे के हिसाब से प्रक्रिया में हेरफेर करने की इजाजात नहीं दी जा सकती।"

पुलिस कार्रवाई को लेकर गंभीर आरोप

उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने सत्ताधारी पार्टी के साथ मिलकर चुनाव को प्रभावित करने की कोशिश की और वोटरों को धमकाया और डराया। किशोर ने कहा, "पटना, बख्तियारपुर और पूरे बिहार में पुलिस की मिलीभगत से आपराधिक तत्वों ने जिस तरह की गुंडागर्दी दिखाई है, उसे जनता ने देखा है।" यह विवाद बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के प्रचार और वोटिंग के दौरान चुनाव प्रक्रिया में व्यवस्थित दखलअंदाजी, वोटरों को दबाने और राजनीतिक नेताओं को टारगेट करके हिरासत में लेने के आरोपों के इर्द-गिर्द घूम रहा है।

पुलिस कार्रवाई को लेकर गंभीर आरोप

शुक्रवार को पत्रकारों से बात करते हुए किशोर ने आरोप लगाया कि बुधवार रात जन सुराज के नेताओं को अलग-अलग पुलिस स्टेशनों में हिरासत में लिया गया और उन्हें बिना यह बताए कि उन्हें कहां ले जाया जा रहा है, एक जगह से दूसरी जगह भेजा गया। किशोर ने कहा, "जैसा कि हमने बताया, पुलिस ने कल शाम से देर रात तक 'जन सुराज' के 16 से ज़्यादा नेताओं को परेशान किया। उन्हें गिरफ्तार किया गया था- हालांकि कागजों पर कोई औपचारिक गिरफ्तार दर्ज नहीं की गई। उन्हें हिरासत में लिया गया और अलग-अलग पुलिस स्टेशनों में रखा गया।"

बांकीपुर सीट पर त्रिकोणीय मुकाबले की तस्वीर

पटना की बांकीपुर विधानसभा सीट पर पूर्व विधायक नितिन नवीन के इस्तीफ़े के कारण होने वाले उपचुनाव में BJP, जन सुराज पार्टी और RJD के बीच कड़ा त्रिकोणीय मुक़ाबला है। इसके लिए वोटिंग 30 जुलाई 2026 को होगी और वोटों की गिनती 3 अगस्त 2026 को की जाएगी।
​(भाषांतर: Ravi Pandey । इनपुट: ANI)

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