औरंगाबाद मंडल कारा में बंद 75 वर्षीय सजायाफ्ता कैदी सीताराम पासवान की पटना के एक अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई।
औरंगाबाद: मंडल कारा औरंगाबाद में बंद सजायाफ्ता कैदी 75 वर्षीय दाउदनगर निवासी सीताराम पासवान की पटना में इलाज के दौरान मौत हो गई। वे पिछले 21 साल पुराने आर्म्स एक्ट में सजायाफ्ता कैदी थे। हालांकि इस संबंध में परिजनों का अभी तक कोई बयान नहीं आया है। मृतक जिले के दाउदनगर शहर स्थित पुरानी शहर वार्ड नंबर 9 का निवासी था। वर्ष 2005 के आर्म्स एक्ट से जुड़े एक मामले में वह जेल में बंद थे और न्यायालय से उन्हें सजा सुनाई जा चुकी थी।
स्थिति थी काफी गंभीर
26 जुलाई को अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई थी। इसके बाद जेल प्रशासन ने उनको सदर अस्पताल औरंगाबाद में भर्ती कराया। इलाज के बाद भी स्थिति में सुधार नहीं होने पर चिकित्सकों ने बेहतर इलाज के लिए मगध मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। गया में इलाज के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें पटना रेफर किया गया था, तब से ही पटना के एक अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। इसी दौरान 16 अगस्त की रात में इलाज के दौरान ही सीताराम पासवान की मौत हो गई।
मंडल कारा के जेल अधीक्षक डॉ. दीपक कुमार ने जानकारी देते हुए बताया...
इस संबंध में मंडल कारा के जेल अधीक्षक डॉ. दीपक कुमार ने बताया कि कैदी सीताराम पासवान की तबीयत 26 जुलाई से ही खराब थी, उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए पटना भेजा गया था, जहां एक अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। इलाज के दौरान ही उनकी मौत हो गई. कैदी की मौत की सूचना के बाद जेल प्रशासन द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई की जा रही है।
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