मंत्री धर्मेंद्र लोधी ने कहा कि बगलामुखी मंदिर के बाहर अवैध चंदा वसूली मामले में दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी। जांच के लिए समिति गठित कर सात दिन में रिपोर्ट मांगी गई है।
भोपाल (मध्य प्रदेश): मध्य प्रदेश के संस्कृति, पर्यटन, धार्मिक ट्रस्ट एवं बंदोबस्ती मंत्री धर्मेंद्र लोधी ने बुधवार को कहा कि अगर मालवा जिले के मां बगलामुखी मंदिर के बाहर अवैध रूप से चंदा वसूलने के मामले में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ राज्य सरकार सख्त कार्रवाई करेगी। उन्होंने बताया कि मामले की जांच के लिए एक जांच समिति का गठन कर दिया गया है।
मामले की जांच के लिए बनाई गई समिति
एएनआई से बातचीत में मंत्री धर्मेंद्र लोधी ने कहा कि मंगलवार को यह मामला उनके संज्ञान में आया, जिसके बाद सरकार ने जिला पंचायत के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) की अध्यक्षता में तत्काल एक जांच समिति गठित की। उन्होंने कहा, "मुझे पता चला कि कुछ लोग बगलामुखी मंदिर के बाहर अवैध रूप से चंदा वसूल रहे थे। उन्होंने इसके लिए रसीद पुस्तिकाएं भी छपवाई थीं। हमारी सरकार ऐसे अपराधियों को नहीं बख्शेगी। हमने जिला पंचायत के मुख्य कार्यकारी अधिकारी की अध्यक्षता में तुरंत एक जांच समिति का गठन किया है। समिति जल्द ही अपनी रिपोर्ट सौंपेगी और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।"
रसीद पुस्तिकाएं छपवाकर की जा रही थी चंदा वसूली
मंत्री लोधी ने कहा कि कुछ लोगों ने रसीद पुस्तिकाएं छपवाकर श्रद्धालुओं से चंदा वसूला, जो बिल्कुल नहीं होना चाहिए था। उन्होंने कहा कि जैसे ही सरकार को इस गड़बड़ी की जानकारी मिली, तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी गई। उन्होंने कहा, "सरकार का यह स्पष्ट रुख है कि ऐसे किसी भी काम में शामिल व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। हम सख्त से सख्त कार्रवाई करेंगे। मैं श्रद्धालुओं से अपील करता हूं कि वे दान करते समय यह सुनिश्चित कर लें कि उनका दान सही जगह पहुंच रहा है। श्रद्धालुओं को भी जागरूक रहने की जरूरत है।"
मंदिरों में डिजिटल दान व्यवस्था का होगा विस्तार
मंत्री ने बताया कि मंदिरों में पारदर्शिता बढ़ाने के उद्देश्य से राज्य सरकार डिजिटल दान प्रणाली का विस्तार कर रही है। उन्होंने कहा, "हमने उज्जैन के महाकाल मंदिर में डिजिटल भुगतान और क्यूआर कोड के माध्यम से दान स्वीकार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। हम धीरे-धीरे इस प्रणाली को अन्य मंदिरों में भी लागू करेंगे।" अगर मालवा जिला प्रशासन ने इस मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन किया है। आरोप है कि एक गैर-सरकारी समिति सरकारी मंदिर प्रबंधन समिति से अलग निजी बैंक खातों के माध्यम से श्रद्धालुओं से नकद, सोने-चांदी का चढ़ावा एकत्र कर रही थी। समिति को सात दिनों के भीतर अपनी जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
इन अधिकारियों को सौंपी गई जांच की जिम्मेदारी
अगर मालवा कलेक्टर प्रीति यादव द्वारा 7 जुलाई को जारी आदेश के अनुसार, जांच समिति की अध्यक्षता जिला पंचायत के मुख्य कार्यकारी अधिकारी बीएस सोलंकी करेंगे। समिति में जिला कोषाधिकारी मनीष सोलंकी और नलखेड़ा नगर परिषद की मुख्य नगर अधिकारी मिनी अग्रवाल को सदस्य बनाया गया है।
(एएनआई)
यह भी पढ़े: भारत-नेपाल सीमा पर बांग्लादेशी नागरिक गिरफ्तार, नेपाल भागने की कोशिश नाकाम