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बलिया में DM ने अधिकारियों को दी सख्त हिदायत

बलिया में जनसुनवाई और विकास कार्यों की समीक्षा, डीएम ने अधिकारियों को दी सख्त हिदायत

बलिया में डीएम ने जनसमस्याओं के निस्तारण और विकास योजनाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। शिकायतकर्ताओं से फीडबैक नहीं लेने वाले विभागों से स्पष्टीकरण तलब किया गया।

बलिया में जनसुनवाई और विकास कार्यों की समीक्षा डीएम ने अधिकारियों को दी सख्त हिदायत

बलिया में DM ने अधिकारियों को दी सख्त हिदायत |

बलिया: ​जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक में जनसमस्याओं के निस्तारण और विकास योजनाओं की बिंदुवार समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनसुनवाई शासन की शीर्ष प्राथमिकता है और कागजी खानापूर्ति करने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी। समीक्षा में सामने आया कि कई विभागों ने निस्तारण तो दिखाया, लेकिन शिकायतकर्ताओं से संपर्क नहीं किया। इस पर जिलाधिकारी ने शत-प्रतिशत मामलों में प्रत्यक्ष संपर्क के निर्देश दिए।

​शिकायत निस्तारण में लापरवाही पर डीएम सख्त

होम्योपैथिक चिकित्साधिकारी की लापरवाही पर तत्काल चेतावनी नोटिस जारी करने का आदेश दिया गया। साथ ही अधिशासी अभियंता विद्युत, डीसी मनरेगा, जिला समाज कल्याण अधिकारी और जल निगम ग्रामीण के अधिकारियों की कार्यशैली पर नाराजगी जताते हुए कठोर कार्रवाई की चेतावनी दी गई। चार प्रमुख विभागों में शिकायतकर्ताओं से फीडबैक लेने की स्थिति शून्य मिली। इसे जनता की उपेक्षा मानते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित विभागाध्यक्षों से स्पष्टीकरण तलब किया। उन्होंने कहा कि निस्तारण की गुणवत्ता तभी मानी जाएगी जब पीड़ित संतुष्ट हो।

सीएम डैशबोर्ड पर कई विभाग फिसड्डी

सीएम डैशबोर्ड की समीक्षा में कई विभागों का प्रदर्शन निराशाजनक रहा। ​स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन विभाग: 'सी' श्रेणी में, ​आईएमएसएस: 'डी' श्रेणी,​नगर विकास एवं मंडी समिति: 'बी' श्रेणी, पारिवारिक लाभ योजना: 'डी' श्रेणी, ​शिशु बालिका योजना: 'डी' तथा जननी सुरक्षा योजना: 'सी' श्रेणी, ​खराब ग्रेडिंग वाले विभागों को कड़ी फटकार लगाते हुए रैंकिंग में तत्काल सुधार लाने की अंतिम चेतावनी दी गई।

तय समय में गुणवत्ता के साथ काम पूरा करने के निर्देश

एक करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं की समीक्षा में उच्च शिक्षा, कृषि व बेसिक शिक्षा के निर्माण कार्यों में लेटलतीफी पर कार्यदायी संस्थाओं को फटकार लगाई गई। निर्देश दिए गए कि गुणवत्ता से समझौता किए बिना कार्य तय समय में पूरे हों। जिलाधिकारी ने अंत में कहा कि जनता को त्वरित व पारदर्शी सेवाएं देना सभी की जिम्मेदारी है। 

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