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संचारी रोग रोकथाम के लिए जनभागीदारी जरूरी: पाठक

संचारी रोगों की रोकथाम के लिए जनभागीदारी जरूरी: ब्रजेश पाठक

उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि संचारी रोगों की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग के साथ सभी संबंधित विभागों और आमजन की सामूहिक भागीदारी आवश्यक है।

संचारी रोगों की रोकथाम के लिए जनभागीदारी जरूरी ब्रजेश पाठक

Public Participation Vital to Prevent Infectious Diseases: Pathak |

लखनऊ: उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि संचारी रोगों की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग के साथ सभी संबंधित विभागों और आमजन की सामूहिक भागीदारी आवश्यक है। स्वच्छता, जागरूकता और समय पर रोग की पहचान के माध्यम से संचारी रोगों पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है। उन्होंने लोगों से अपने घर और आसपास स्वच्छता बनाए रखने तथा कहीं भी पानी जमा न होने देने की अपील की। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक लखनऊ स्थित डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान में विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान के शुभारंभ समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने जन-जागरूकता रैली में प्रतिभाग किया तथा स्वच्छता और फॉगिंग वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

31 अक्टूबर तक चलेगा विशेष अभियान

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान 1 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक तथा ‘दस्तक अभियान’ 12 से 31 अक्टूबर तक संचालित किया जाएगा। अभियान के दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर पहुंचकर लोगों को संचारी रोगों से बचाव के प्रति जागरूक करेंगी और आवश्यक स्वास्थ्य संबंधी जानकारी उपलब्ध कराएंगी। उन्होंने आमजन से अपील की कि घर, प्रतिष्ठान और आसपास के क्षेत्रों में साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें। कहीं भी पानी एकत्रित न होने दें, क्योंकि जमा पानी में मच्छरों के पनपने की संभावना रहती है। उन्होंने कहा कि “स्वस्थ व्यवहार अपनाना है, संचारी रोगों को हराना है” के संकल्प के साथ इस अभियान को जनभागीदारी से सफल बनाना है।

संचारी रोगों पर सरकार का वार

उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 में प्रदेश में भाजपा सरकार के गठन के बाद संचारी रोगों की रोकथाम और नियंत्रण को अभियान के रूप में आगे बढ़ाया गया। इससे पहले संचारी रोगों के नियंत्रण को लेकर इस स्तर पर व्यापक चर्चा और समन्वित प्रयास नहीं होते थे। स्वास्थ्य विभाग की भूमिका केवल उपचार तक सीमित नहीं है, बल्कि रोगों की रोकथाम और उन्हें जड़ से समाप्त करने के लिए भी विभाग को प्रभावी भूमिका निभानी है।

जापानी इंसेफेलाइटिस पर भी नियंत्रण

डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग संचारी रोग नियंत्रण के लिए नोडल एजेंसी के रूप में संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि पूर्वांचल के कुछ जिलों में जापानी इंसेफेलाइटिस का लंबे समय तक प्रभाव रहा, जिसका सबसे अधिक असर बच्चों पर पड़ता था। उन्होंने कहा कि सरकार के समन्वित प्रयासों से इस बीमारी सहित अन्य बीमारियों के प्रभाव पर काफी हद तक नियंत्रण पाया गया है।

स्वच्छता को जीवनशैली का हिस्सा बनाएं

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि स्वच्छता को जीवनशैली का हिस्सा बनाना, स्वच्छ पेयजल का सेवन करना, मच्छरों से बचाव के उपाय अपनाना और बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर समय से चिकित्सकीय सलाह लेना संचारी रोगों से बचाव के महत्वपूर्ण उपाय हैं। उन्होंने कहा कि सजग नागरिक, स्वस्थ परिवार और सुरक्षित प्रदेश ही इस अभियान का लक्ष्य है।

ये अधिकारी रहे मौजूद

इस अवसर पर प्रमुख सचिव, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य वी. हेकाली झिमोमी, महानिदेशक, परिवार कल्याण डॉ. पवन कुमार अरुण, अपर निदेशक चिकित्सा शिक्षा नीलम, निदेशक, डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान डॉ. सी.एम. सिंह, विशेष सचिव धीरेंद्र सिंह सचान, विशेष सचिव करुणेश, निदेशक, विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान डॉ. रेखा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, लखनऊ डॉ. एनबी सिंह, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विक्रम सिंह, डॉ. रविंद्र सिंह, डॉ. भुवन सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे।

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