पंजाब सीएम के OSD राजबीर सिंह घुमन के घर CBI छापेमारी के बाद भगवंत मान और केंद्र सरकार आमने-सामने हैं। बीजेपी ने मान सरकार पर गंभीर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं।
संगरूर (पंजाब)। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी (OSD) से जुड़े भ्रष्टाचार के मामले में CBI की छापेमारी के बाद राज्य में राजनीतिक घमासान मच गया है। सीएम मान ने केंद्र पर तीखा हमला बोला है, तो वहीं बीजेपी ने भी पलटवार किया है।
संगरूर में सीएम भगवंत मान का केंद्र सरकार पर हमला
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बुधवार को सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (CBI) और एनफोर्समेंट डायरेक्टोरेट (ED) को लेकर केंद्र सरकार पर ज़ुबानी हमला किया। धुरी के बरवाल गाँव में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोलते हुए उन्होंने कहा कि केंद्र में बीजेपी सरकार को चुनावों के लिए तैयार रहना चाहिए, चाहे वह पश्चिम बंगाल में हों या दिल्ली में। उन्होंने कहा कि भले ही मामले ED और CBI को सौंपे गए हैं, लेकिन उन्हें पंजाब में कुछ नहीं मिलेगा और वे खाली हाथ लौटेंगे।
Key Highlights/स्टोरी हाईलाइट्स
- CBI ने पंजाब CM भगवंत मान के OSD राजबीर सिंह घुमन और उनके सहयोगियों से जुड़े भ्रष्टाचार मामले में चंडीगढ़ में छापेमारी की, जिसके बाद पंजाब की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं।
- CM भगवंत मान ने केंद्र की BJP सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि CBI और ED को पंजाब में कुछ नहीं मिलेगा और वे खाली हाथ लौटेंगे।
- BJP नेता मनजिंदर सिंह सिरसा ने गंभीर आरोप लगाए हैं कि CBI को मोबाइल फोन और करीब 200 पन्नों की चैट मिली है, जिनसे GLADA और GMADA से जुड़े कथित घोटालों की जानकारी सामने आ सकती है। उन्होंने सबूत मिटाने के लिए कई मोबाइल नष्ट किए जाने का भी आरोप लगाया।
- CBI की FIR में अधिकारियों की पोस्टिंग, टेंडर, लाइसेंसिंग, जमीन और प्रशासनिक फैसलों में कथित प्रभाव व पैसों के बदले हेरफेर के आरोप हैं। पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट के निर्देश के बाद CBI को मामले की जांच सौंपी गई है।
चंडीगढ़ में OSD राजबीर सिंह घुमन के ठिकानों पर रेड
उनके ये बयान तब आए जब CBI ने मंगलवार को चंडीगढ़ के सेक्टर 2 इलाके में मकान नंबर 50 पर छापेमारी की। यह छापेमारी पंजाब के मुख्यमंत्री के ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी (OSD) राजबीर सिंह घुमन और उनके सहयोगियों से जुड़े एक मामले के सिलसिले में की गई थी।

मनजिंदर सिंह सिरसा के गंभीर आरोप और मोबाइल जब्ती
इस बीच, दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने मान पर तीखा हमला करते हुए कहा कि CBI ने एक प्रेस रिलीज में साफ तौर पर कहा है कि उन्हें मोबाइल फोन और 200 पेज की चैट मिली हैं, जिनसे ग्रेटर लुधियाना एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (GLADA) और ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (GMADA) में हुए घोटालों का पता चलता है।
उन्होंने कहा, "CBI ने अपनी प्रेस रिलीज में साफ तौर पर कहा है कि हजारों करोड़ रुपये के घोटालों से जुड़े इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स, जिनमें फोन और 200 पेज की चैट शामिल हैं, जब्त कर लिए गए हैं। GLADA और GMADA से जुड़े सभी घोटाले सामने आएंगे।" उन्होंने आगे आरोप लगाया कि पंजाब के CM ने सबूत मिटाने के लिए कम से कम 50 मोबाइल फोन नष्ट कर दिए हैं। उन्होंने जोर देकर कहा, "अब राजबीर सिंह घुमन भागेंगे और मोबाइल फोन तोड़े जाएंगे! मेरी बात याद रखना: उन्होंने सारे सबूत मिटाने की कोशिश में कम से कम 50 मोबाइल फोन नष्ट कर दिए हैं। लेकिन मैं उन्हें बताना चाहता हूँ कि ये सभी चैट पहले से ही CBI के पास हैं; आप बच नहीं सकते!"

हाई कोर्ट के स्पष्ट आदेशों के तहत हुई CBI कार्रवाई
इसके अलावा, पंजाब बीजेपी अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने कहा कि CBI की छापेमारी पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट के स्पष्ट निर्देशों के तहत की गई थी, न कि भारतीय जनता पार्टी के कहने पर। उन्होंने कहा, "छापेमारी का मामला बिल्कुल साफ है। ED ने पंजाब पुलिस को चिट्ठी लिखकर कहा था कि वे उस व्यक्ति की जांच करें जिसने गलती की, चोरी की या कुछ गलत किया। लेकिन उन्होंने कोई काम नहीं किया। इसलिए आखिरकार, जब मामला हाई कोर्ट पहुंचा, तो ED और CBI की छापेमारी हाई कोर्ट के आदेशों के अनुसार की गई। इसमें BJP का क्या लेना-देना है?"
राज्य के कामकाज और पंजाब में बढ़ रही समस्याओं को लेकर AAP नेतृत्व पर निशाना साधते हुए, BJP नेता ने सवाल किया कि अगर कोई गड़बड़ी नहीं हुई है तो मौजूदा सरकार घबरा क्यों रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि उन्हें अपने कागजात दिखाने चाहिए और CBI उन्हें साफ कर देगी।
CBI की FIR और OSD पर लगे भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप
इससे पहले, पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने CBI को मान के OSD राजबीर सिंह घुमन से जुड़े भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच करने का निर्देश दिया था। एजेंसी ने एक बयान में कहा कि CBI ने पंजाब के मुख्यमंत्री के OSD और उनके सहयोगियों के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच के लिए FIR दर्ज की है।
CBI के अनुसार, आरोपों में अधिकारियों (IAS और IPS अधिकारियों सहित) की पोस्टिंग में हेरफेर और प्रभाव डालना, विभागीय कार्यवाही, नीति बनाना, प्रशासनिक मंज़ूरी, टेंडर की शर्तें, लाइसेंसिंग के मामले, ज़मीन के इस्तेमाल में बदलाव, संपत्ति से जुड़े विवाद और पैसे के फायदे के बदले राजस्व और जमीन से जुड़े मुद्दों में हेरफेर शामिल है। एजेंसी ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपी सरकारी कर्मचारियों ने कथित तौर पर सरकारी आदेशों और नीतियों के जारी होने से पहले ही उनके ड्राफ्ट तक पहुंच बनाई और उन्हें निजी लोगों तक पहुंचाया।
(भाषांतर: Ravi Pandey । इनपुट: ANI)
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