प्राइम न्यूज़ – एक कसम, राष्ट्र प्रथम
Breaking News
  • देहरादून: मेडिकल कॉलेज रैगिंग मामले में आरोपी छात्रों पर एक्शन, हॉस्टल से निष्कासित किए गए छात्र, एंटी रैगिंग कमेटी कर रही है मामले की जांच
  • कड़ाके की ठंड से आम जनजीवन अस्त-व्यस्त, मैदानी इलाकों में घना कोहरा और शीतलहर का प्रकोप, मौसम विभाग ने बारिश-बर्फबारी की जताई संभावना
  • उत्तरकाशी में गंगा घाटी से लेकर यमुना घाटी क्षेत्र में जंगल लगी आग, चारों तरफ फैला धुंआ, आग के कारण वन्य जीव और बेशकीमती लकड़ियों का हो नुकसान
  • ऊधमसिंहनगर: कांग्रेस विधायक तिलक राज बेहड़ के बेटे पर जानलेवा हमला, अस्पताल में इलाज जारी, पुलिस जांच में जुटी
  • मुरादाबाद में हाईवे पर ट्रैक्टर-ट्रॉली में और बोलेरो की टक्कर से बड़ा सड़क हादसा, हादसे में एक व्यक्ति की मौत, तीन लोग गंभीर रूप से घायल
  • बस्ती: तांत्रिक हत्याकांड का आरोपी गिरफ्तार, पुलिस ने आरोपी से अवैध तमंचा बरामद किया
  • औरैया: पुलिस और इनामी बदमाश में मुठभेड़, 25 हजार का हजार का इनामी अभियुक्त हुआ गिरफ्तार
  • लखनऊ: KGMU धर्मांतरण मामले में STF ने नए सिरे से शुरू की जांच, पैथोलॉजी, CCM विभाग के HOD को बयान दर्ज कराने के लिए नोटिस जारी
  • प्रयागराज: माघ मेले में श्रद्धालुओं का स्नान जारी, त्रिवेणी संगम पर उमड़ा आस्था का सैलाब, कड़ाके की ठंड के बीच लोगों ने डुबकी लगाई

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान की सुरक्षा ...

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान की सुरक्षा बढ़ाने में देरी पर उठे सवाल

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासनिक स्तर पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान की सुरक्षा बढ़ाने में देरी पर उठे सवाल

Questions raised over delay in increasing security of Shivraj Singh Chouhan |

भोपाल। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासनिक स्तर पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। गृह मंत्रालय द्वारा संभावित खतरे की चेतावनी के बाद सुरक्षा बढ़ाने में करीब एक महीने की देरी होने से मामला राजनीतिक बहस शुरू हो गया है।

सूत्रों के अनुसार, 12 नवंबर को केंद्रीय गृह मंत्रालय ने मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव को एक आधिकारिक पत्र भेजा था। इस पत्र में खुफिया एजेंसियों से प्राप्त इनपुट का हवाला देते हुए शिवराज सिंह चौहान के लिए संभावित सुरक्षा जोखिम की जानकारी दी गई थी। उनकी सुरक्षा व्यवस्था को तत्काल मजबूत करने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद राज्य स्तर पर आवश्यक कदम समय पर नहीं उठाए गए।

पत्र मिलने करीब 30 दिन बाद किए गए सुरक्षा के अतिरिक्त इंतजाम

पत्र मिलने करीब 30 दिन बाद शिवराज सिंह चौहान की सुरक्षा में अतिरिक्त इंतजाम किए गए। इस देरी को लेकर विपक्ष ने राज्य सरकार और प्रशासन पर सवाल उठाए हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने इसे गंभीर लापरवाही करार दिया है। कहा- जब केंद्र सरकार स्वयं सुरक्षा बढ़ाने की सलाह दे रही थी, तब राज्य प्रशासन की ओर से तत्परता क्यों नहीं दिखाई गई। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि किसी भी संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति की सुरक्षा से जुड़ी चेतावनी को हल्के में लेना न केवल खतरनाक है, बल्कि यह प्रशासनिक समन्वय की कमजोरी को भी दर्शाता है। मांग की कि देरी के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जानी चाहिए।

सुरक्षा व्यवस्था में तैनात किए गए हैं अतिरिक्त बल

सरकारी सूत्र कहते हैं कि सुरक्षा आंकलन एक सतत प्रक्रिया होती है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए आवश्यक कदम उठाए गए। सुरक्षा व्यवस्था में अतिरिक्त बल तैनात किया गया है और निगरानी के इंतजाम भी मजबूत किए गए हैं। इस घटनाक्रम ने सवाल खड़ा कर दिया है कि जब केंद्र सरकार की ओर से स्पष्ट चेतावनी जारी की गई तो राज्य स्तर पर उस पर त्वरित कार्रवाई क्यों नहीं होती। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में देरी किसी भी तरह से उचित नहीं है। फिलहाल, मामला राजनीतिक गलियारों से लेकर प्रशासनिक हलकों तक चर्चा का विषय बना हुआ है।

यह भी पढ़ें: https://www.primenewsnetwork.in/state/cat-exam-results-declared-bhopals-akashdeep-scores-9967-percentile/102491

CAT परीक्षा का परिणाम घोषित, भोपाल के आकाशदीप को मिले 99.67 पर्सेंटाइल

Related to this topic: