अमृतसर CP गुरप्रीत भुल्लर के तबादले पर कांग्रेस नेता राज कुमार वेरका ने पंजाब सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने फैसले को राजनीति से प्रेरित बताते हुए जांच की मांग की।
अमृतसर (पंजाब)। कांग्रेस नेता राज कुमार वेरका ने शनिवार को अमृतसर के पुलिस कमिश्नर (CP) गुरप्रीत भुल्लर के तबादले को लेकर पंजाब सरकार पर निशाना साधा और इस कदम को राजनीति से प्रेरित और राजनीति का शिकार बताया। ANI से बात करते हुए, वेरका ने जोर देकर कहा कि कानून-व्यवस्था के मामलों को राजनीतिक हस्तक्षेप नहीं होना चाहिए।
राज कुमार वेरका ने की गहन जांच की मांग
उन्होंने आगे कहा, "वे राजनीति का शिकार हुए हैं, और मेरा मानना है कि कानून-व्यवस्था के मामलों में राजनीति नहीं होनी चाहिए। किसी भी अधिकारी को ईमानदारी, कुशलता और बिना किसी दबाव के अपना काम करना चाहिए। मेरी राय में, अधिकारी का ट्रांसफर राजनीति से प्रेरित है।" वेरका ने आगे तबादले से जुड़े हालातों की गहन जांच की मांग की। उन्होंने कहा, "यह जांच का विषय है। इसके पीछे के कारणों का पता लगाने के लिए उचित जांच होनी चाहिए। मेरा मानना है कि जांच एजेंसियों को इस मामले की सच्चाई का पता लगाना चाहिए।"
बादल और मोदी की मुलाकात को बताया महत्वहीन
शिरोमणि अकाली दल (एसएडी) प्रमुख सुखबीर सिंह बादल और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच हाल ही में हुई मुलाकात पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस नेता ने इसे महत्वहीन बताया। वेरका ने कहा, "इस बारे में कुछ कहने को नहीं है क्योंकि इसमें कोई ठोस आधार नहीं है। दोनों दल पंजाब के संदर्भ में खोखले लिफाफों की तरह हैं। इनका कोई महत्व नहीं है। दोनों दल अभी अपनी-अपनी प्रतिष्ठा और सम्मान को बचाने की कोशिश कर रहे हैं। पंजाब की जनता को दोनों में से किसी पर भी भरोसा नहीं है।"
अकाली दल और बीजेपी गठबंधन पर साधा निशाना
SAD और BJP के बीच नए गठबंधन की संभावना पर टिप्पणी करते हुए वेरका ने कहा कि यह मतदाताओं का समर्थन हासिल करने में विफल रहेगा। उन्होंने ज़ोर देकर कहा, "मेरा मानना है कि अगर गठबंधन बनता भी है, तो भी इसका कोई खास नतीजा नहीं निकलेगा। पंजाब के लोगों का अकाली दल और BJP दोनों से भरोसा उठ चुका है। जब जनता का भरोसा खो चुकी दो पार्टियां एक साथ आती हैं, तो भी भरोसे की कमी बनी रहती है।"
आप सरकार पर सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग का आरोप
उन्होंने आगे कहा, "इसमें कोई शक नहीं कि हमारा मुख्य मुकाबला आम आदमी पार्टी से है, क्योंकि बाकी पार्टियों का अभी कोई खास असर नहीं है। आम आदमी पार्टी सत्ता में है और सरकारी मशीनरी का गलत इस्तेमाल कर रही है। हमारा मानना है कि कांग्रेस पार्टी के लिए असली मुकाबला आम आदमी पार्टी से ही होगा।" यह बयान तब आया है जब गुरप्रीत सिंह भुल्लर को अमृतसर का पुलिस कमिश्नर पद से हटा दिया गया और बॉर्डर रेंज के DIG हरमनबीर सिंह को इस पद का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया। एक आधिकारिक आदेश के अनुसार, हरमनबीर सिंह अपनी मौजूदा जिम्मेदारियों के अलावा अमृतसर के पुलिस कमिश्नर का प्रभार भी संभालेंगे। भुल्लर को अगले आदेश तक DGP कार्यालय में रिपोर्ट करने का निर्देश दिया गया है।
पंजाब के राजनीतिक समीकरण और चुनावी भविष्य की चर्चा
पंजाब में AAP सरकार ने अभी तक गुरप्रीत सिंह भुल्लर को हटाए जाने का कारण नहीं बताया है। इस बीच, BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने भी पंजाब में कमल खिलाने की बात कही है। हालांकि, 2022 के पिछले चुनावों में SAD और BJP विधानसभा में क्रमशः तीन और दो सीटों तक ही सीमित रह गईं, जबकि AAP ने 92 सीटों के साथ चुनाव में बड़ी जीत हासिल की।
तीन कृषि कानूनों के विरोध के कारण SAD और BJP हुए थे अलग
तीन कृषि कानूनों के विरोध के कारण 2021 में अकाली दल के NDA से अलग होने से पहले, पंजाब में BJP और SAD ने गठबंधन सरकारें बनाई थीं। हालांकि, 2022 के पिछले चुनावों में, SAD और BJP विधानसभा में क्रमशः तीन और दो सीटों तक ही सीमित रह गईं, जबकि आम आदमी पार्टी ने 92 सीटों के साथ शानदार जीत हासिल की। पंजाब में चुनाव नजदीक आने के साथ ही, कांग्रेस ने भाजपा और आम आदमी पार्टी के बीच मिलीभगत का आरोप लगाया है।
(भाषांतर: Ravi Pandey । इनपुट: ANI)
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