उत्तर प्रदेश के मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने शनिवार को समाजवादी पार्टी की सरकार के दौरान आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट में भारी भ्रष्टाचार होने का आरोप लगाया है।
लखनऊ (उत्तर प्रदेश)। उत्तर प्रदेश के मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने शनिवार को समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव पर तीखा हमला किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी की सरकार के दौरान आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट में भारी भ्रष्टाचार हुआ। उन्होंने कहा कि इस परिजना से सैफई परिवार और उनके सहयोगियों को काफी फ़ायदा पहुंचा है।
एक्सप्रेसवे को बताया भ्रष्टाचार का सबसे बड़ा उदाहरण
राजभर ने कहा कि आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे अखिलेश यादव की सरकार के दौरान हुए भ्रष्टाचार का सबसे बड़ा उदाहरण है। उन्होंने 'एक्स' पर एक पोस्ट में लिखा, "अगर कोई अखिलेश यादव जी की सरकार के दौरान हुए भ्रष्टाचार के कुछ उदाहरण देखना चाहता है तो सबसे बड़ा उदाहरण लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे है।"
अलाइनमेंट में बदलाव और सुरक्षा पर उठाए सवाल
मंत्री ने आगे आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार के लालच में एक्सप्रेसवे के अलाइनमेंट में बदलाव किए गए। इससे यात्रियों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गईं। उन्होंने कहा, "भ्रष्टाचार के जरिए पैसा कमाने के लालच ने इस एक्सप्रेसवे को इतना टेढ़ा-मेढ़ा कर दिया कि यह 'एक्सीडेंट एक्सप्रेसवे' के नाम से कुख्यात हो गया है और कई लोग इसे 'मौत का एक्सप्रेसवे' भी कहते हैं।"
निर्माण गुणवत्ता और मानकों की अनदेखी का आरोप
निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए राजभर ने आरोप लगाया कि जल्दी पैसा कमाने के चक्कर में मानकों से समझौता किया गया। उन्होंने कहा, "एक्सप्रेसवे का निर्माण सभी मानकों की अनदेखी करते हुए किया गया। कौन जाने अब तक कितनी जानें जा चुकी हैं? कितने परिवार तबाह हो चुके हैं? गिनती करना मुश्किल है।" परियोजना के क्रियान्वयन को लेकर सैफई परिवार को निशाना बनाते हुए राजभर ने उनके सदस्यों और सहयोगियों पर एक्सप्रेसवे के निर्माण के दौरान जनता के धन की लूट का आरोप लगाया।
जमीन अधिग्रहण और मुआवजे में गड़बड़ी के दावे
राजभर ने एक्सप्रेसवे परियोजना से जुड़े भूमि अधिग्रहण और मुआवजे में अनियमितताओं के आरोप भी लगाए। उन्होंने कहा, "जमीनें कौड़ियों के भाव खरीदी गईं। फिर एक्सप्रेसवे का मार्ग पास से गुजरा। मार्ग को मोड़ दिया गया। जमीनों को आवासीय भूमि के रूप में दर्ज करने के लिए रिकॉर्ड में हेरफेर किया गया। एक्सप्रेसवे की घोषणा के बाद कई पंजीकरण हुए। फिर मुआवजे में बड़े पैमाने पर लूट हुई। एक्सप्रेसवे का मार्ग बनने के बाद सैफई परिवार और उनके चहेतों की जमीनों की कीमत आसमान छू गई।"
मार्ग बदलकर फायदा पहुंचाने और कार्रवाई की चेतावनी
मंत्री ने आगे आरोप लगाया कि कुछ लोगों को मुनाफा पहुंचाने के लिए एक्सप्रेसवे के मार्ग में जानबूझकर बदलाव किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि परियोजना के कारण यात्रियों को लगातार परेशानी हो रही है। मंत्री ने जोर देकर कहा कि इसके लिए जिम्मेदार लोगों को अंततः सजा मिलेगी। उन्होंने आगे कहा, "अतिरिक्त देरी और दूरी के कारण धन, ईंधन और समय, तीनों का नुकसान हो रहा है। भ्रष्टाचार का धब्बा अभी भी रिस रहा है। सैफई परिवार को इसके लिए निश्चित रूप से सजा मिलेगी। वे इसी एक्सप्रेसवे से होकर जेल जाएंगे। ओम प्रकाश राजभर के पास सैफई परिवार के गुनाहों का पूरा ब्यौरा है।"
21 नवंबर, 2016 को हुआ था आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे का उद्घाटन
गौरतलब है कि आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे का उद्घाटन 21 नवंबर, 2016 को हुआ था। यह 302.222 किलोमीटर लंबा, 6 लेन (8 लेन तक विस्तार योग्य) एक्सेस कंट्रोल्ड (ग्रीनफील्ड) एक्सप्रेसवे है। इसमें भविष्य में एक्सप्रेसवे को 8 लेन तक विस्तारित करने के लिए 8 लेन चौड़ी संरचनाएं मौजूद हैं। (Source: ANI)
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