राम मंदिर ट्रस्ट को लेकर इन दिनों राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चाएं तेज हैं। इसी बीच ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के इस्तीफे को लेकर भी तरह-तरह की अटकलें सामने आ रही हैं।
अयोध्या: राम मंदिर ट्रस्ट को लेकर इन दिनों राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चाएं तेज हैं। इसी बीच ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के इस्तीफे को लेकर भी तरह-तरह की अटकलें सामने आ रही हैं। हालांकि, इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
सूत्रों के हवाले से सामने आई जानकारी
सूत्रों के अनुसार, विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय उपाध्यक्ष और श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने अपना इस्तीफा सौंप दिया है। वहीं, ट्रस्ट के प्रमुख सदस्यों में शामिल अनिल मिश्र के इस्तीफे की भी चर्चा है। हालांकि दोनों मामलों में आधिकारिक बयान का इंतजार है।
विहिप नेतृत्व की अयोध्या में मौजूदगी
जानकारी के मुताबिक, विश्व हिंदू परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री बजरंग लाल बागड़ा सहित संगठन के कई वरिष्ठ पदाधिकारी इस समय अयोध्या में मौजूद हैं। संगठन स्तर पर लगातार बैठकें और चर्चाएं चल रही हैं।
ट्रस्ट की कार्यप्रणाली पर उठ रहे सवाल
पिछले कुछ समय से राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। मंदिर में प्राप्त दान और चढ़ावे के हिसाब-किताब को लेकर विभिन्न राजनीतिक दल और कुछ सामाजिक संगठन जवाबदेही की मांग कर रहे हैं।
विपक्ष लगातार बना रहा दबाव
समाजवादी पार्टी प्रमुख Akhilesh Yadav ने ट्रस्ट पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि मंदिर में आने वाले चढ़ावे और दान की राशि के प्रबंधन में अनियमितताएं हुई हैं। वहीं अन्य विपक्षी दलों और कुछ स्थानीय लोगों ने भी पारदर्शिता की मांग उठाई है।
जांच एजेंसियां कर रही हैं पड़ताल
मामले को लेकर राज्य सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल (SIT) जांच में जुटा हुआ है। जांच पूरी होने के बाद ही आरोपों की सच्चाई और तथ्यों की स्पष्ट तस्वीर सामने आ सकेगी।
अयोध्या में दिख रही मिली-जुली प्रतिक्रिया
अयोध्या के स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं के बीच इस मुद्दे को लेकर अलग-अलग राय देखने को मिल रही है। कुछ लोग इसे मंदिर की छवि को नुकसान पहुंचाने वाला विवाद मानते हैं, जबकि कुछ लोगों का कहना है कि बड़े धार्मिक संस्थानों में पारदर्शिता और जवाबदेही जरूरी है।
कौन हैं चंपत राय?
चंपत राय लंबे समय से राम मंदिर आंदोलन और विश्व हिंदू परिषद से जुड़े रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद गठित श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में उन्हें महासचिव की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मंदिर निर्माण और उससे जुड़े कई प्रमुख निर्णयों में उनकी अहम भूमिका रही है।
आधिकारिक पुष्टि का इंतजार
फिलहाल चंपत राय और अनिल मिश्र के इस्तीफे को लेकर केवल सूत्रों के हवाले से जानकारी सामने आई है। जब तक ट्रस्ट, विश्व हिंदू परिषद या संबंधित पक्षों की ओर से आधिकारिक बयान जारी नहीं होता, तब तक इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की जा सकती।
यह भी पढ़े: सीतापुर में एक्सिस बैंक के सर्वर रूम में लगी आग, धमाके के बाद मचा हड़कंप