उत्तराखंड कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या को पद से हटाने की मांग की है। उनके पति द्वारा 210 करोड़ के भ्रष्टाचार के आरोप के बाद सियासत गरमा गई है।
देहरादून (उत्तराखंड)। उत्तराखंड कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या को तुरंत पद से हटाने की मांग की है। यह मांग मंत्री के पति द्वारा उन पर 210 करोड़ रुपये के भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए जाने के बाद सामने आई है, जिस पर राज्य की राजनीति गरमा गई है।
कैबिनेट मंत्री पर गंभीर वित्तीय आरोप
देहरादून में ANI से बातचीत में उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) के अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री अपनी कैबिनेट के भीतर भ्रष्टाचार को संरक्षण दे रहे हैं। गोदियाल ने दावा किया, "मंत्री के पति ने यह आरोप लगाया है कि भ्रष्टाचार से अर्जित काले धन का इस्तेमाल बेनामी संपत्ति खरीदने में किया गया है। यह बेहद गंभीर मामला है।" उन्होंने सवाल उठाया कि इतनी गंभीर शिकायत मिलने के बावजूद मुख्यमंत्री ने अब तक मंत्री को उनके पद से क्यों नहीं हटाया।
मंत्री रेखा आर्या का पलटवार
दूसरी ओर, कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने अपने पति गिरधारी लाल साहू (उर्फ पप्पू गिरधारी) द्वारा लगाए गए 210 करोड़ रुपये के इन तमाम आरोपों को "100 प्रतिशत बेबुनियाद" करार दिया है। उन्होंने किसी भी आधिकारिक और कानूनी जांच का स्वागत करते हुए कहा कि उनका पूरा राजनीतिक जीवन एक खुली किताब की तरह है। उन्होंने अपने नामांकन पत्रों का हवाला देते हुए कहा कि 2003 से लेकर अब तक उनकी संपत्ति और आय का ब्योरा सार्वजनिक डोमेन में मौजूद है, इसलिए छिपाने के लिए कुछ नहीं है।
घरेलू हिंसा और कानूनी विवाद
मंत्री रेखा आर्या ने इन आरोपों के समय पर सवाल उठाते हुए इसे एक सोची-समझी दबाव की रणनीति बताया। उन्होंने कहा कि यह सब उनकी ओर से दर्ज कराई गई घरेलू हिंसा की शिकायत को वापस लेने का दबाव बनाने के लिए किया जा रहा है। गौरतलब है कि मंत्री ने बीते गुरुवार को देहरादून के कैंट पुलिस स्टेशन में अपने पति के खिलाफ घरेलू हिंसा, मारपीट, धोखाधड़ी, जालसाजी और SC/ST एक्ट के तहत गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया है।
(भाषांतर: Ravi Pandey । इनपुट: ANI)
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