MP News : भोपाल। यहां के एम्स के आपात विभाग की डाक्टर रश्मि वर्मा ने आत्महत्या की कोशिश की। उन्होने अपने ही घर में बेहोशी की दवा का इंजेक्शन लगा लिया।
MP News : भोपाल। यहां के एम्स के आपात विभाग की डॉक्टर रश्मि वर्मा ने आत्महत्या की कोशिश की। उन्होने अपने ही घर में बेहोशी की दवा का इंजेक्शन लगा लिया। पति ने देखा तो शीघ्र अस्तताल लेकर पहुंचे। डॉक्टर का पल्स रेट और हार्ट बीट लगातार गिर रहा था। इस पर साथी डॉक्टर ने उन्हें शीघ्र सीपीआर देकर रिवाइव किया। अभी भी उनकी स्थिति गंभीर (क्रिटिकल) बनी हुई है।
लेडी डॉक्टर के पति ऑस्थर्थोपैडिक विशेषज्ञ डॉ. मननोहन शाक्य रात करीब 10 बजे उनको बेहोशी की हालत में एम्स लेकर आये थे। डॉक्टर शाक्य ने घर पर सब सामान्य बताया। सभी अपना काम कर रहे थे। वे जब डॉ. रश्मि के पास पहुंचे तो बेहोश मिली। उधर, डॉ. रश्मि के साथी डॉक्टरों ने बताया कि आपात और ट्रामा विभाग की असिस्टेंट डाक्टर रश्मि वर्मा गुरुवार को ड्यूटी पर थी। शाम के घर लौट गई।
इधर, रश्मि का इलाज कर रहे डॉक्टरों ने बताया कि डॉक्टर रश्मि को लेकर उनके पति एम्स 25 मिनट बाद पहुंचे। तब डॉ. रश्मि के हार्ट ने लगभग काम करना बंद कर दिया था। वे रिकवर कर रही हैं, लेकिन नुकसान के बारे में स्थिति 72 घंटे के बाद ही पता चलेगी। फिलहाल उन्हें मेन आईसीयू में वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया है।
मालूम हो कि डॉक्टर रश्मि वर्मा ने प्रयागराज के एमएलएन मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस की डिग्री हासिल की थी। इसके बाद बीआरडी मेडिकल कॉलेज गोरखपुर से जनरल मेडिसिन में एमडी किया। डायविटीज में सर्टिफिकेट कोर्स भी किया। एम्स भोपाल में 3 साल सिनियर रेजिडेंट के अलावा एलएन मेडिकल कॉलेज, पीएमस भोपाल जैसे संस्थानों में असिस्टेंट प्रोफेसर के रूप में काम किया। उन्हें शिक्षण का भी पांच साल का अनुभव है।
अभी वे मेडिकल एजुकेशन और आईसीएमआर में रिसर्च कर रही थी। बेसिक लाइफ सपोर्ट प्रोग्राम, नर्सिंग ट्रेनिंग सेशन में फैक्टी इंचार्ज जैसी प्राशासनिक पद पर हैं। इसके साथ प्रोफेशनल इंटरेस्ट में डायबिटीज, हाइपरटेंशन, मेटाबॉलिकसिंड्रोम, पेलिएटिव केयर, इमरजेंसी मेडिसिन और इनरजेंसी केयर इंटरवेंशन.
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