मुंबई। वस्तु एवं सेवाकर (जीएसटी) में राहत और ग्रामीण क्षेत्रों में मांग के कारण भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार में...
जीएसटी छूट और ग्रामीण डिमांड के कारण गाड़ियों की खुदरा बिक्री में 25.62% का उछाल |
मुंबई। वस्तु एवं सेवाकर (जीएसटी) में राहत और ग्रामीण क्षेत्रों में मांग के कारण भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार में आयी तेजी फरवरी माह में भी बरकरार है। FADA द्वारा जारी के आंकड़ों के मुताबिक, टू-वीलर से लेकर कमर्शियल वाहनों तक हर सेगमेंट में बिक्री ने नया रेकॉर्ड बनाया है।
फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशंस (एफएडीए) द्वारा जारी नवीनतम खुदरा आंकड़ों के अनुसार, भारत के रिटेल ऑटोमोबाइल क्षेत्र ने फरवरी में अपना अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया है, जिसमें कुल वाहन बिक्री 24,09,362 यूनिट तक पहुंच गई, जो पिछले वर्ष की तुलना में 25.62% की वृद्धि दर्शाती है।
फाडा के अनुसार, छह प्रमुख वाहन श्रेणियों में से पांच - दोपहिया वाहन, तिपहिया वाहन, यात्री वाहन, वाणिज्यिक वाहन और ट्रैक्टर - ने फरवरी में अब तक की सबसे अधिक खुदरा बिक्री दर्ज की, जो ऑटोमोटिव बाजार में निरंतर गति को उजागर करती है।
ग्रामीण इलाकों में आई 34% की भारी डिमांड ने छोटी कारों की बिक्री को नई जान दी है। कुल मिलाकर, फरवरी में गाड़ियों की बिक्री पिछले साल के मुकाबले 26% बढ़ी है। यह बाजार में ग्राहकों के बढ़ते भरोसे को दर्शाता है।
जीएसटी 2.0 की घोषणा के बाद दिखी रफ्तार को बढ़ाते हुए देश वाहनों की खुदरा बिक्री क्षेत्र ने फरवरी की अब तक की सबसे अच्छी बिक्री दर्ज की। इस तरह वाहनों की कुल खुदरा बिक्री 24.1 लाख तक पहुंच गई। पिछले साल की तुलना में यह 26 प्रतिशत की जोरदार वृद्धि है।
व्यक्तिगत परिवहन के साथ-साथ आर्थिक गतिविधियों वाली श्रेणियों में अच्छी मांग दर्शाते हुए दोपहिया में 25 प्रतिशत, तिपहिया में 24 प्रतिशत, यात्री वाहनों में 26 और वाणिज्यिक वाहनों में 29 फीसदी की वृद्धि हुई। केवल निर्माण उपकरण ही ऐसी श्रेणी रही, जिसने फरवरी में नया रिकॉर्ड नहीं बनाया। इसमें सालाना आधार पर 1.22 प्रतिशत की मामूली गिरावट देखी गई।
दिलचस्प बात यह है कि महीने के लिहाज से पिछले सबसे अच्छे आंकड़े फरवरी 2024 के थे, जब उद्योग ने 20.4 लाख वाहनों की बिक्री दर्ज हुई थी। छोटा महीना होने के बावजूद फरवरी में छह में से पांच श्रेणियों दोपहिया, तिपहिया, यात्री वाहन, वाणिज्यिक और ट्रैक्टर वाली श्रेणी ने फरवरी की अब तक की सबसे अधिक खुदरा बिक्री दर्ज की।
देश की प्रमुख कार निर्माता कंपनी मारुति सुजूकी की बिक्री में महीने के दौरान 28 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई और यह बढ़कर 1,54,095 वाहन हो गई। टाटा मोटर्स 56,447 वाहन बिक्री के साथ दूसरे स्थान पर रही और फरवरी 2025 की तुलना में 43 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की। महिंद्रा ऐंड महिंद्रा ने 53,281 वाहन बिक्री के साथ 25 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की, और हुंडई मोटर 45,615 वाहन बिक्री के साथ चौथे स्थान पर रही और यह बिक्री पिछले साल की तुलना में 16 प्रतिशत अधिक रही।
आटोमोबाइल सेक्टर में दोपहिया वाहन सबसे बड़ा सेगमेंट बना रहा। इस वर्ग में कुल 17,00,505 यूनिट की बिक्री दर्ज की गई, जो पिछले वर्ष की तुलना में 25.02% अधिक है। दोपहिया वाहनों के सेक्टर में शहरी बिक्री में 28.96% और ग्रामीण बाजारों में 22.16% की वृद्धि हुई।
इस दौरान वाणिज्यिक वाहनों की खुदरा बिक्री 1,00,820 यूनिट तक पहुंच गई , जो पिछले वर्ष की तुलना में 28.89% अधिक है। इसके अतिरिक्त खेती किसानी के क्षेत्र में ट्रैक्टर सेगमेंट सबसे तेजी से बढ़ने वाली श्रेणी के रूप में उभरा है। इस सेगमेंट में 89,418 यूनिट्स की बिक्री हुई, जो पिछले वर्ष की तुलना में 36.35% की तीव्र वृद्धि दर्शाती है।
फाडा के अध्यक्ष सीएस विघ्नेश्वर ने कहा, 'कुल मिलाकर महीने के दौरान यह जोरदार प्रदर्शन दर्शाता है कि बाजार में आत्मविश्वास, विशेष रूप से जीएसटी 2.0 के बाद, अब कई वाहन श्रेणियों में निरंतर मांग में तब्दील हो रहा है।'
फरवरी 2026 में यात्री वाहनों की खुदरा बिक्री 3,94,768 रही। इसने पिछले साल के मुकाबले 26 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की। यह रफ्तार व्यापक रही और शहरी बाजारों में सालाना आधार पर 21 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। ग्रामीण बाजार में 34 प्रतिशत की उछाल आई, जो मेट्रो शहरों से इतर जोरदार निरंतर मांग का संकेत है।
विघ्नेश्वर ने कहा, 'ग्रामीण वृद्धि में तेज इजाफा विशेष रूप से उत्साहजनक है क्योंकि इससे छोटी कारों की बिक्री का समर्थन मिल रहा है, भले ही एसयूवी और यूटिलिटी वाहन समूची बिक्री को लगातार बढ़ा रहे हों। जीएसटी सुधार के बाद खर्च उठाने की बेहतर क्षमता, शादी-विवाह का सीजन और नए मॉडलों की शुरुआत की मदद से बुकिंग की अच्छी पाइपलाइन ने भी महीने के दौरान मांग में मदद की।'ट
यह भी पढ़ें : https://www.primenewsnetwork.in/world/nuclear-arms-control-agreement-between-america-and-russia-ends/132101