औरंगाबाद में पीएम राहत योजना को लेकर स्वास्थ्य और परिवहन अधिकारियों की बैठक में अस्पतालों को सड़क दुर्घटना में घायल पात्र लोगों को 1.5 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज देने के निर्देश दिए गए।
औरंगाबाद: सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्तियों को त्वरित एवं बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से भारत सरकार द्वारा संचालित पीएम-राहत योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर 23 अक्टूबर को सदर अस्पताल, औरंगाबाद में बैठक आयोजित की गई। बैठक में सिविल सर्जन डॉ कृष्ण कुमार, जिला परिवहन पदाधिकारी सुनंदा कुमारी, आयुष्मान भारत योजना से संबद्ध पदाधिकारी एवं अस्पतालों के संचालक उपस्थित रहे।
सड़क हादसों के घायलों को मिलेगा कैशलेस इलाज
बैठक में योजना के प्रावधानों, पात्र सड़क दुर्घटना पीड़ितों को कैशलेस उपचार उपलब्ध कराने और आपातकालीन स्थिति में त्वरित चिकित्सा सहायता सुनिश्चित करने पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक के दौरान आयुष्मान भारत योजना से संबद्ध सभी अस्पतालों को निर्देश दिया गया कि सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्तियों के अस्पताल पहुंचने पर उन्हें योजना के नियमानुसार 1.5 लाख तक का कैशलेस उपचार अधिकतम 7 दिनों की निर्धारित अवधि तक उपलब्ध कराने की व्यवस्था सुनिश्चित करें।
अस्पतालों को पीएम राहत योजना के बैनर लगाने के निर्देश
घायल व्यक्तियों को समय पर चिकित्सा सुविधा मिले, इसके लिए अस्पताल प्रबंधन को आवश्यक तैयारियां रखने और उपचार प्रक्रिया में अनावश्यक विलंब नहीं करने का निर्देश दिया गया। इसके अतिरिक्त, सभी संबद्ध अस्पतालों को अपने अस्पताल परिसर के बाहर और आम लोगों को स्पष्ट रूप से दिखाई देने वाले स्थान पर पीएम राहत योजना से संबंधित बैनर लगाने का निर्देश दिया गया, ताकि आम नागरिकों को यह जानकारी मिल सके कि सड़क दुर्घटना में घायल पात्र व्यक्तियों को इस योजना के अंतर्गत 1.5 लाख तक का कैशलेस उपचार उपलब्ध है।
पीएम राहत योजना के प्रति जागरूकता की अपील
बैठक में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि सड़क दुर्घटना के बाद घायल व्यक्ति को समय पर उपचार उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। सभी संबंधित पदाधिकारियों एवं अस्पताल संचालकों से योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करने और इसके प्रभावी क्रियान्वयन में सक्रिय भूमिका निभाने की अपेक्षा की गई। जिला परिवहन कार्यालय, औरंगाबाद ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे पीएम राहत योजना के प्रति जागरूक रहें और सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्तियों को त्वरित चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने में सहयोग करें।
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