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वायरल वीडियो के बाद सरपंच पर केस

शाजापुर में सरपंच पर मारपीट का केस दर्ज, वायरल वीडियो के बाद पुलिस की कार्रवाई

शाजापुर के अकोदिया क्षेत्र में वायरल वीडियो के बाद पुलिस ने सरपंच ओमप्रकाश सक्सेना के खिलाफ मारपीट का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

शाजापुर में सरपंच पर मारपीट का केस दर्ज वायरल वीडियो के बाद पुलिस की कार्रवाई

Shajapur Sarpanch Booked for Assault After Viral Video Sparks Police Action |

शाजापुर,(मध्य प्रदेश)। जिले के अकोदिया थाना क्षेत्र के उचोद गांव में सरपंच द्वारा पुलिसकर्मियों के सामने एक पीड़ित के साथ मारपीट करने का सनसनीखेज वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद आखिरकार पुलिस हरकत में आ गई है। घटना के 6 दिन बीत जाने के बाद आरोपी सरपंच ओमप्रकाश सक्सेना के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है, हालांकि इस पूरी कार्रवाई और पुलिस की कार्यप्रणाली पर कई गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

पीड़ित के साथ सरेआम मारपीट का विडिओ वायरल 

सामने आए मामले के अनुसार, उचोद गांव में सरपंच ओमप्रकाश सक्सेना द्वारा एक पीड़ित के साथ सरेआम मारपीट की गई थी, जिसका वीडियो भी पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में सामने आया था। वीडियो के तूल पकड़ने और मीडिया में मामला आने के बाद अकोदिया पुलिस दबाव में आई। पुलिस ने 25 जुलाई को फोन लगाकर पीड़ित को थाने बुलाया और लंबी कागजी प्रक्रिया के बाद 26 जुलाई को सरपंच के खिलाफ एफआईआर दर्ज की।

पीड़ित के भोपाल जाने से कार्रवाई में देरी: पुलिस

पुलिस की ओर से दर्ज की गई एफआईआर में तर्क दिया गया कि पीड़ित नरेंद्र पांचाल भोपाल गया हुआ था, जिसके चलते कार्रवाई में देरी हुई। हालांकि, पीड़ित पक्ष के अनुसार यह दावा पूरी तरह से भ्रामक है। नरेंद्र पांचाल 19 जुलाई को भोपाल गया था और महज दो दिन बाद ही वापस लौट आया था। इसके बावजूद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करने के बजाय कई दिनों तक मामले को टाला और मीडिया में खबर आने के बाद हरकत में आई।

19 जुलाई को ही पीड़ित ने थाने में दिया लिखित आवेदन

इस पूरे विवाद में एक और गंभीर पहलू सामने आया है। घटना को लेकर 19 जुलाई को ही पीड़ित सुशीला बाई पांचाल के द्वारा भी थाने में लिखित आवेदन दिया गया था, लेकिन उस पर अब तक कोई अलग से एफआईआर दर्ज नहीं की गई है। इस संबंध में जब अकोदिया थाना प्रभारी संजय राजपूत से बात की गई, तो उन्होंने बताया कि मुख्य मारपीट नरेंद्र पांचाल के साथ हुई थी, जिसके आधार पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है।

नियमानुसार अलग-अलग एफआईआर दर्ज नहीं

सुशीला बाई द्वारा दिए गए आवेदन का जिक्र भी इसी एफआईआर में शामिल किया गया है। थाना प्रभारी का तर्क है कि घटना एक ही जगह की और एक ही परिवार से जुड़ी हुई है, इसलिए नियमानुसार अलग-अलग एफआईआर दर्ज नहीं की जाती हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सुशीला बाई का मेडिकल परीक्षण करवा दिया गया है, और मामले में आगे की कानूनी जांच जारी है। 

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