आलीराजपुर। सोमवार को यहां भगोरिया लोक उत्सव के बीच सियासत भी गरमा गई। विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के आमने-सामने आने से राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई।
आलीराजपुर। सोमवार को यहां भगोरिया लोक उत्सव के बीच सियासत भी गरमा गई। विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के आमने-सामने आने से राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई। सिंघार ने विधानसभा में दिए 'औकात' वाले बयान को लेकर सीधा हमला बोला। उन्होंने विजयवर्गीय से पूछा— "आलीराजपुर में आदिवासियों का अपमान करने, उन्हें औकात दिखाने आए हैं या माफी मांगने आए हैं?"
विजयवर्गीय ने भी सधे अंदाज में कहा— "मैं यहाँ राजनीति करने नहीं, सिर्फ भगोरिया देखने आया हूँ।"
नेता प्रतिपक्षा का आरोप
मीडिया से बातचीत में उमंग सिंघार ने कहा कि आदिवासी समुदाय पीढ़ियों से भगोरिया पर्व मनाता आ रहा है। रोजगार के लिए बाहर गए लोग भी इस अवसर पर घर लौटते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार एक ओर आदिवासियों के सम्मान की बात करती है, वहीं उसके मंत्री 'औकात दिखाने' जैसे बयान देते हैं।
विजयवर्गीय ने दिया जबाव
मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने स्पष्ट किया कि वे यहाँ राजनीति करने नहीं बल्कि भगोरिया के रंग देखने और आदिवासी समाज को बधाई देने आए हैं। मंत्री ने दावा किया कि केंद्र व राज्य सरकार की योजनाओं से हर आदिवासी परिवार को सालाना 30 से 50 हजार रुपए का लाभ मिल रहा है।
मालूम हो कि हाल ही में मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के दौरान कैलाश विजयवर्गीय और उमंग सिंघार के बीच तीखी बहस हुई थी, जिसमें 'औकात' शब्द के इस्तेमाल पर काफी विवाद हुआ था। इसी संदर्भ में भगोरिया मेले में दोनों नेताओं का आमना-सामना चर्चा का विषय बना।
यह भी पढ़े: आबकारी भर्ती परीक्षा में गड़बड़ी, FIR
https://www.primenewsnetwork.in/state/mp-excise-exam-scam-fir-against-12-accds/146952