प्राइम न्यूज़ – एक कसम, राष्ट्र प्रथम
Breaking News
  • देहरादून: मेडिकल कॉलेज रैगिंग मामले में आरोपी छात्रों पर एक्शन, हॉस्टल से निष्कासित किए गए छात्र, एंटी रैगिंग कमेटी कर रही है मामले की जांच
  • कड़ाके की ठंड से आम जनजीवन अस्त-व्यस्त, मैदानी इलाकों में घना कोहरा और शीतलहर का प्रकोप, मौसम विभाग ने बारिश-बर्फबारी की जताई संभावना
  • उत्तरकाशी में गंगा घाटी से लेकर यमुना घाटी क्षेत्र में जंगल लगी आग, चारों तरफ फैला धुंआ, आग के कारण वन्य जीव और बेशकीमती लकड़ियों का हो नुकसान
  • ऊधमसिंहनगर: कांग्रेस विधायक तिलक राज बेहड़ के बेटे पर जानलेवा हमला, अस्पताल में इलाज जारी, पुलिस जांच में जुटी
  • मुरादाबाद में हाईवे पर ट्रैक्टर-ट्रॉली में और बोलेरो की टक्कर से बड़ा सड़क हादसा, हादसे में एक व्यक्ति की मौत, तीन लोग गंभीर रूप से घायल
  • बस्ती: तांत्रिक हत्याकांड का आरोपी गिरफ्तार, पुलिस ने आरोपी से अवैध तमंचा बरामद किया
  • औरैया: पुलिस और इनामी बदमाश में मुठभेड़, 25 हजार का हजार का इनामी अभियुक्त हुआ गिरफ्तार
  • लखनऊ: KGMU धर्मांतरण मामले में STF ने नए सिरे से शुरू की जांच, पैथोलॉजी, CCM विभाग के HOD को बयान दर्ज कराने के लिए नोटिस जारी
  • प्रयागराज: माघ मेले में श्रद्धालुओं का स्नान जारी, त्रिवेणी संगम पर उमड़ा आस्था का सैलाब, कड़ाके की ठंड के बीच लोगों ने डुबकी लगाई

पार्टियों के बीच नारों की होड़..

पार्टियों के बीच नारों की होड़, बीजेपी का स्लोगन -“बाचते चाई, बीजेपी ताई&quot तो टीएमसी - “बीजेपी विदाई”

West bengal : पश्चिम बंगाल में 2026 में होने वाले वाले विधानसभा चुनाव की तैयारी की कवायद के तहत सत्तारुढ़ टीएमसी और उसकी प्रमुख विरोधी भाजपा

पार्टियों के बीच नारों की होड़  बीजेपी का स्लोगन -“बाचते चाई बीजेपी ताईquot तो टीएमसी - “बीजेपी विदाई”

पार्टियों के बीच नारों की होड़ |

West bengal : पश्चिम बंगाल में 2026 में होने वाले वाले विधानसभा चुनाव की तैयारी की कवायद के तहत सत्तारुढ़ टीएमसी और उसकी प्रमुख विरोधी भाजपा के बीच एक दूसरे के खिलाफ आमलोगों को रिझाने की होड़ में एक से एक अव्वल नारे पेश होने लगे हैं। भाजपा के प्रदेश नेतृत्व ने ममता सरकार और टीएमसी  के खिलाफ एक नारा गढ़ा है – “बाचते चाई, बीजेपी ताई” (हिंदी – बचाना चाहते हैं, इसलिए भाजपा)।  भाजपा के इस नारे के मुकाबले में टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव व सांसद ने नारा गढ़ा है – बीजेपी बाई” (हिंदी- भाजपा विदा)।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब नदिया जिले के ताहेरपुर में भाजपा की रैली में हिस्सा लेने 20 दिसंबर को कोलकाता आए तो रैली में कुहासा के कारण नहीं पहुंच पाए और उन्होंने कोलकाता एयरपोर्ट से ही टेलीफोन पर रैली को संबेधित किया। तब उन्होंने “बाचते चाई, बीजेपी ताई” नारा लगाया। भाजपा ने अब इसी नारे को अपना लिया है और अपने कार्यक्रमों में इसका इस्तेमाल करने लगी है। भाजपा ने एक और नारा गढ़ा – “सइबे ना आर बांग्ला” (हिंदी – बंगाल बर्दास्त नहीं करेगा) लेकिन प्रधानमंत्री मोदी को “बाचते चाई, बीजेपी ताई” को ही पसंद किया। 

टीएमसी के भी दो नारे हैं। “बीजेपी बाई” है ही, दूसरा नारा है – “मानबो ना हार, मां-माटी-मानुषेर सरकार आबार” (हिंदी – हार नहीं मानेंगे, मां-माटी-मानुष की सरकार फिर से)। लेकिन टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने भाजपा के नारे के मुकाबले “बीजेपी बाई” को ही धारदार माना है और उन्होंने पार्टी के नेताओं के साथ राज्यस्तरीय बैठक में इसी नारे के इस्तेमाल पर जोर दिया है, लेकिन दूसरे नारे का भी इस्तेमाल होगा।

पिछले विधानसभा चुनाव में टीएमसी ने “बांग्ला नीजेर मेये के चाय” ( हिंदी --  बंगाल अपनी कन्या को चाहता है) नारे का इस्तेमाल किया था और जीत हासिल की थी। टीएससी नेता मान रहे हैं कि इस बार का विधानसभा चुनाव महत्वपूर्ण युद्ध है। इस युद्ध में भाजपा को हराकर उसे विदा करना है।

यह भी पढ़ें : https://www.primenewsnetwork.in/india/india-response-to-the-delay-in-us-h1b-visa-appointments/102626

Related to this topic: