प्राइम न्यूज़ – एक कसम, राष्ट्र प्रथम
Breaking News

मंदिर दर्शन कर मामा के घर लौटा था गोलू

रात में सोते समय किशोर के पैंट में घुसा सांप, निकालने की कोशिश में डसा

रात में सांप के रेंगने का अहसास होने पर गोलू की नींद खुल गई। घबराहट में उसने सांप को पैंट से बाहर निकालने का प्रयास किया, इसी दौरान सांप ने डस लिया। जिससे उसकी मौत हो गई। घटना अशोक नगर जिले की है।

रात में सोते समय किशोर के पैंट में घुसा सांप निकालने की कोशिश में डसा

गोलू का फाइल फोटो और शव को लेकर झाड़-फूंक के लिए पहुंचे परिजन |

अशोकनगर (मध्य प्रदेश): जिले के कुम्हरिया गांव में मामा के घर आए एक 15 वर्षीय किशोर की सांप के डसने से मौत हो गई। घटना रात करीब 3 बजे की है। बताया जाता है कि रात में सोते समय किशोर के पैंट में एक सांप घुस गया था। नींद खुलने पर जब उसने सांप को बाहर निकालने की कोशिश की, तो सांप ने उसे डस लिया।

परिजनों को चमत्कार की उम्मीद

आनन-फानन में किशोर को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां इलाज के दौरान सोमवार की सुबह किशोर की मौत हो गई। हैरानी की बात है कि मौत होने के बावजूद परिजन चमत्कार की उम्मीद में शव को झाड़-फूंक के लिए ले गए।

सांप के रेंगने पर खुली गोलू की नींद

मृतक किशोर की पहचान काछी बामोरा गांव निवासी कल्लू अहिरवार के 15 वर्षीय पुत्र गोलू रूप में हुई है। रात में अपने एक साथी के साथ खाट पर सो रहा था। सांप के रेंगने का अहसास होने पर गोलू की नींद खुल गई। घबराहट में उसने सांप को पैंट से बाहर निकालने का प्रयास किया, लेकिन इसी दौरान सांप ने उसके पैर में डस लिया।

मृत घोषित करने के बावजूद परिजनों को नहीं हुआ विश्वास

सांप के डसने के बाद गोलू को लेकर परिजन तुरंत जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां सोमवार सुबह इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। डॉक्टरों द्वारा मृत घोषित किए जाने के बावजूद परिजनों को उसकी मौत पर विश्वास नहीं हुआ।

जिंदा होने की आस में झाड़-फूंक के लिए ले गये परिजन

वे चमत्कार की आस में गोलू के शव को भर्सेली गांव के पास झाड़-फूंक कराने के लिए ले गए। हालांकि, झाड़-फूंक करने वाले ने भी उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद निराश होकर परिजन वापस जिला अस्पताल लौटे, जहां पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया।

माता-पिता के साथ मंदिर दर्शन कर मामा के घर लौटा था गोलू

परिजनों ने बताया कि गोलू कक्षा 10वीं का छात्र था और उसके दो अन्य भाई हैं। वह एक दिन पहले अपने माता-पिता के साथ कदवाया माता मंदिर दर्शन के लिए गया था। वहां से लौटते समय तीनों कुम्हरिया गांव में अपने मामा के घर रुक गए थे।

Related to this topic: