इंदौर। इंदौर के चर्चित राजा रघुवंशी मर्डर केस में आरोपी पत्नी सोनम रघुवंशी को कोर्ट से जमानत...
इंदौर के राजा रघुवंशी मर्डर केस में चौथी सुनवाई में मिली सोनम रघुवंशी को जमानत
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इंदौर। इंदौर के चर्चित राजा रघुवंशी मर्डर केस में आरोपी पत्नी सोनम रघुवंशी को कोर्ट से जमानत मिल गई है। अदालत ने मामले की चौथी सुनवाई के दौरान सोनम को राहत देते हुए जमानत मंजूर की। सोनम रघुवंशी पर अपने पति राजा रघुवंशी की हत्या का आरोप है। इस मामले में वह शिलांग जेल में बंद थीं।
कोर्ट के इस फैसले के बाद अब उन्हें जेल से रिहाई का रास्ता साफ हो गया है। मालूम हो कि चर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड की मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी पुलिस की कमजोर विवेचना के कारण 10 महीने में ही जेल से बाहर आ गई। कोर्ट ने शिलांग पुलिस की विवेचना पर सवाल उठाए हैं। पुलिस ने चलान की धाराएं अलग-अलग लिख दी थी। गिरफ्तारी की प्रक्रिया का पालन नहीं किया औऱ ट्रायल में देरी कर दी।
शिलांग के सत्र न्यायालय ने जमानत देते हुए अपनी टिप्पनी में कहा कि पुलिस ने गिरफ्तारी का करण बताने वाला फार्म सही तरीके से नहीं भरा था। कई जगह अलग-अलग धाराएं लिख दी। ट्रायल में भी पुलिस ने देरी कर दी।
मामले में सुनवाई जारी रहेगी
जानकारी के अनुसार, सुनवाई के दौरान कोर्ट ने मामले के तथ्यों और प्रस्तुत साक्ष्यों पर विचार करने के बाद यह निर्णय लिया, वहीं पुलिस और अभियोजन पक्ष की ओर से भी अपनी दलीलें पेश की गई थीं। इस मामले में आगे की सुनवाई जारी रहेगी और कोर्ट में केस की अन्य पहलुओं पर भी विचार किया जाएगा। फिलहाल, जमानत मिलने से सोनम रघुवंशी को बड़ी राहत मिली है। यह मामला इंदौर के कारोबारी राजा रघुवंशी की हत्या से जुड़ा है, जो मई 2025 में अपनी पत्नी सोनम के साथ हनीमून पर मेघालय गए थे।
पुलिस की गिरफ्तारी प्रक्रिया पर गंभीर सवाल
सुनवाई के दौरान, अदालत ने विशेष रूप से पुलिस द्वारा अपनाई गई गिरफ्तारी की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए हैं। अदालत का मानना है कि गिरफ्तारी के समय कानूनी प्रक्रियाओं का सही ढंग से पालन नहीं किया गया था।
कोर्ट ने लगाई जमानत की शर्तें
अदालत ने सोनम की रिहाई के लिए कुछ कड़ी शर्तें रखी हैं, जिनका पालन करना अनिवार्य होगा। इसमें आरोपी को किसी भी सबूत या गवाह को प्रभावित करने या उनसे छेड़छाड़ करने की सख्त मनाही है। सोनम को अदालत द्वारा निर्धारित हर पेशी पर व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होना होगा। वह कोर्ट की अनुमति के बिना अपने निर्धारित क्षेत्र (Jurisdiction) से बाहर नहीं जा सकती। उसे ₹50,000 का निजी मुचलका (Personal Bond) जमा करना होगा।
राजा रधुवंशी का परिवार आहत, उच्च न्यायालय जाने का निर्णय
जमानत के फैसले से राजा रघुवंशी का परिवार बेहद आहत और नाराज है। राजा के भाई विपिन रघुवंशी ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा है कि इस फैसले से वे पूरी तरह संतुष्ट नहीं हैं। उनका कहना है कि "भाई की आत्मा को शांति नहीं मिलेगी, वह भटकती रहेगी।" परिवार ने हार न मानते हुए अब उच्च न्यायालय (High Court) में अपील करने का निर्णय लिया है। परिवार का मानना है कि सोनम के खिलाफ पर्याप्त सबूत हैं और वे न्याय की लड़ाई जारी रखेंगे।
राजा की मां उमां देवी ने कहा कि न्याय अधूरा है। कानून होता है, यह अभी तक सुना ही था, मगर अब देख लिया है। राजा के भाई ने सिस्टम की नाकामी बताई। आरोपी राज कुशवाह की जमानत अर्जी भी लगा दी गई है। साक्ष्य मिटाने के दो आरोपी प्रापर्टी ब्रोकर औऱ ठेकेदार लोकेंद्र सिंह तोमर, सिलोम जेम्स और बलबीर को भी गिरफ्तार किया गया था। इनके खिलाफ साक्ष्य नहीं मिले थे। इससे भी केस कमजोर नजर आने लगा था।
क्या है मामला?
मई 2025 में राजा रघुवंशी अपनी पत्नी सोनम के साथ हनीमून के लिए मेघालय गए थे। मेघालय में ही राजा की धारदार हथियार से हत्या कर दी गई थी और उनका शव खाई में फेंक दिया गया था। पुलिस जांच में यह एक सुनियोजित हत्या निकली, जिसमें सोनम और उसके कथित प्रेमी राज कुशवाहा की भूमिका सामने आई थी। सोनम ने बाद में उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में आत्मसमर्पण किया था। यह केस शुरू से ही काफी चर्चा में रहा है, और अब जमानत मिलने के बाद इस कानूनी लड़ाई के और लंबा खिंचने की संभावना है।
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