समाजवादी पार्टी ने बुलंदशहर की अनूपशहर सीट पर मतदाता सूची में 27 हजार से अधिक हेरफेर का आरोप लगाया है। सपा ने यूपी के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर जांच और नए पहचान पत्र की मांग की है।
लखनऊ (उत्तर प्रदेश)। समाजवादी पार्टी (SP) ने बुलंदशहर जिले की 67-अनूपशहर विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी और हेरफेर का गंभीर आरोप लगाया है। पार्टी का दावा है कि SIR प्रक्रिया पूरी होने के बाद 10 अप्रैल 2026 को प्रकाशित अंतिम मतदाता सूची में 27 हजार से अधिक मतदाताओं के नामों, सरनेम और उनके रिश्तेदारों के नाम में अनधिकृत रूप से छेड़छाड़ की गई है।
अखिलेश यादव के निर्देश पर CEO को सौंपा गया ज्ञापन
सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के निर्देश पर प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल के प्रतिनिधिमंडल जिसमें सर्वश्री के.के. श्रीवास्तव, डॉ. हरिश्चन्द्र सिंह और राधेश्याम सिंह शामिल थे—ने लखनऊ स्थित मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) को औपचारिक ज्ञापन सौंपकर उच्चस्तरीय जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
एक ही EPIC नंबर, लेकिन बदल गए नाम और सरनेम
समाजवादी पार्टी द्वारा दिए गए ज्ञापन में बूथवार साक्ष्यों के साथ यह खुलासा किया गया है कि किस प्रकार कागजों में हेरफेर किया गया है। हैरानी की बात यह है कि मतदाताओं और उनके रिश्तेदारों के नाम या सरनेम बदल दिए गए हैं, लेकिन उनके पहचान पत्र का नंबर (EPIC Number) बिल्कुल वही है। अनूपशहर विधानसभा क्षेत्र में कुल 448 मतदेय स्थल हैं और कुल मतदाताओं की संख्या करीब 3 लाख 35 हजार है। सपा ने कुछ विशिष्ट उदाहरणों के जरिए इस गड़बड़ी को उजागर किया है:
- मतदेय स्थल संख्या 1: पूर्व सूची में मतदाता 'सुमन देवी' और रिश्तेदार 'विजयवीर' (EPIC No. - UVI0678573) दर्ज थे। अंतिम सूची से 'देवी' शब्द हटा दिया गया और रिश्तेदार के नाम में 'सिंह' जोड़ दिया गया, जबकि EPIC नंबर वही है।
- मतदेय स्थल संख्या 176: मतदाता 'कु0 सीमा' और रिश्तेदार 'संतोष' (EPIC No. - UVI2045540) के मामले में रिश्तेदार के नाम के आगे 'सिंह' सरनेम अतिरिक्त रूप से जोड़ दिया गया है, और एपिक नंबर वही है।
- मतदेय स्थल संख्या 221: मतदाता 'सहनवाज मलिक' और रिश्तेदार 'शब्बीर' (EPIC No. - UVI1911023) की सूची में रिश्तेदार के नाम के आगे 'मलिक' सरनेम जोड़ दिया गया है, जबकि एपिक नंबर में कोई बदलाव नहीं हुआ है।
- मतदेय स्थल संख्या 448: मतदाता 'सुरजीत' और रिश्तेदार 'कमल सिंह' (EPIC No. - UVI2562072) के नाम और रिश्तेदार के नाम में फेरबदल दर्ज किया गया है।
धर्म परिवर्तन और ईपिक नंबर बदलने के भी गंभीर आरोप
मामला सिर्फ सरनेम जोड़ने या हटाने तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे आगे बढ़कर गंभीर विसंगतियों तक पहुंच गया है। विधानसभा क्षेत्र में करीब 800 मतदाताओं के ईपिक नंबर ही बदल दिए गए हैं। इसके अलावा, दो ऐसे मामलों ने प्रशासनिक लापरवाही पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं:
- मतदेय स्थल संख्या 81 (क्रम संख्या 775): मतदाता 'हिमांशू भारद्वाज' और उनके रिश्तेदार 'यामीन खाँ' के नाम के आगे धर्म अलग-अलग दर्ज किए गए हैं।
- मतदेय स्थल संख्या 27 (क्रम संख्या 776): मतदाता 'सरफराज सैनी' और उनके रिश्तेदार 'शईद सैफी' के नाम की प्रविष्टि में भी धर्म के स्तर पर गड़बड़ी पाई गई है।
SIR प्रक्रिया और आगे की मांग
सपा ने याद दिलाया कि प्रदेश में 27 अक्टूबर 2025 को SIR की घोषणा हुई थी और 4 नवंबर 2025 से प्रदेश की 403 विधानसभाओं में 166 दिन तक SIR प्रक्रिया पूरी होने के बाद 1 लाख 77 हजार 516 मतदेय स्थलों की सूची प्रकाशित हुई थी। इसके बावजूद बड़े पैमाने पर गड़बड़ी सामने आना गंभीर चिंता का विषय है।
पूरे प्रदेश में मतदाता सूची सुधारने की अपील
समाजवादी पार्टी ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी से मांग की है कि गड़बड़ी वाले सभी 27 हजार से अधिक मतदाताओं को तत्काल नया पहचान पत्र (EPIC) जारी किया जाए, ताकि मतदान के दिन किसी को बाधा न आए। साथ ही, निर्वाचन आयोग को पूरे प्रदेश में मतदाता सूची को शुद्ध करने का विशेष अभियान चलाना चाहिए, जिससे वर्ष 2027 का विधानसभा सामान्य निर्वाचन स्वतंत्र, निष्पक्ष, निर्भीक और पारदर्शी रूप से संपन्न हो सके।
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