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परिवार और लोगों में दिखी खुशी की लहर

शपथ ग्रहण के बाद कांथी स्थित पैतृक घर 'शांतिकुंज' पहुंचे मुख्यंत्री शुभेंदु अधिकारी

मुख्यमंत्री पद का शपथ लेने के बाद देर रात शुभेंदु अधिकारी पूर्व मेदिनीपुर जिले के तहत कांथी में अपने घर शांतिकुंज आए। दूसरे दिन पड़ोसियों, मित्रों और इलाके के लोगों से मुलाकात की।

शपथ ग्रहण के बाद कांथी स्थित पैतृक घर शांतिकुंज पहुंचे मुख्यंत्री शुभेंदु अधिकारी

Suvendu Adhikari Returns Home to Kanthi as Chief Minister |

कोलकाता (पश्चिम बंगाल)। मुख्यमंत्री पद का शपथ लेने के बाद देर रात शुभेंदु अधिकारी पूर्व मेदिनीपुर जिले के तहत कांथी में अपने घर शांतिकुंज आए। दूसरे दिन पड़ोसियों, मित्रों और इलाके के लोगों से मुलाकात की और सभी को यह अहसास दिलाया कि वे कांथी और पश्चिम बंगाल का सिर कभी नहीं झुकने देंगे। लोगों की अपेक्षाओं को पूरा करने में कोई कसर नही छोड़ेंगे।

शुभेंदु के माता-पिता की सादगी ने जीता दिल

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के आने की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन ने सुरक्षा के लिए घर के सामने के सड़क पर बैरीकेट लगा दिया। लेकिन शुभेंदु अधिकारी के मां-पिता ने उसे ऐसा करने से मना कर दिया और कहा कि वे नहीं चाहते कि लोगों को सड़क से गुजरने में असुविधा हो। जिला प्रशासन ने बैरिकेट हटा लिया।

टीवी पर शपथ देख भावुक हुआ परिवार

शुभेंदु अधिकारी जब ब्रिगेड मैदान में शपथ ग्रहण सामारोह में शपथ ले रहे थे, कांथी में अपने घर शांतिकुंज में टीवी पर उनके पिता शिशिर अधिकारीस मां गायत्री अधिकारी, परिवार के सभी सदस्य उन्हें देख रहे थे। वे ही नहीं, शुभेंदु अधिकारी के तमाम मित्र, पड़ोसी, पूरे इलाके के लोग टीवी पर शपथ ग्रहण समारोह में शुभेंदु को देख रहे थे। सबसे अधिक लोगों में कही खुशी की लहर थी तो शांतिकुंज और काथी में थी। सभी की जुबान पर था कि अपने घर का लड़का मुख्यमंत्री बन गया है। शुभेंदु आने के बाद कांथी के लोगों का उनसे मिलने-जुलने का तांता लगा रहा उस समय तक लगा रहा जब तक वे वहां रहे। शुभेंदु अधिकारी से मुलाकात करने में सुरक्षा व्यवस्था के कारण किसी को कोई असुविधा नहीं हुई और ना ही सुरक्षा कर्मियों को किसी तरह की बाधा हुई।

शुभेंदु अधिकारी का प्रेरणादायक राजनीतिक सफर

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के पिता शिशिर अधिकारी पुराने कांग्रेसी नेता है। वे विधायक और सांसद रह चुके हैं। वे मनमोहन सिंह के मंत्रिमंडल में मंत्री भी थे। शिशिर अधिकारी के अनुसार ही उनक राजनीति में होने से प्रभावित होकर शुभेंदु अधिकारी में आए। उनकी राजनीति कांथी कालेज से शुरू हुई। वे छात्र परिषद के अध्यक्ष हुए। कांथी नगर निगम के काउंसिलर हुए। साल 2005 में कांथी दक्षिण से और 2009 में तमलुक से कांग्रेस के सांसद हुए। 2016 में तृणमूल कांग्रेस से विधायक और मंत्री हुए। लेकिन कुछ मुद्दों पर तत्कालीन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से मतभेद होने के कारण वे 2020 में भाजपा में शामिल हो गए। साल 2021 में नंदीग्राम विधानसभा क्षेत्र के भाजपा विधायक और विधानसभा में विपक्षी दल के नेता हुए। उन्होंने 2021 में नंदीग्राम में तत्कालीन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को परास्त किया और इस बार भवानीपुर से भी मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को परास्त किया। शुभेंदु अब पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री हैं।

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