प्राइम न्यूज़ – एक कसम, राष्ट्र प्रथम
Breaking News
  • देहरादून: धामी सरकार का डिजिटल क्रांति पर जोर, ई-गवर्नेंस से भ्रष्टाचार पर लगा अंकुश, अब घर बैठे मिलेंगी सरकारी सेवाएं
  • प्रदेश में UCC लागू होने के एक साल पूरे होने पर 27 जनवरी को मनाया जाएगा UCC दिवस, देहरादून में राज्य स्तरीय कार्यक्रम का होगा आयोजन, मुख्यमंत्री धामी भी होंगे शामिल
  • ज्योतिर्मठ: चार धाम यात्रा के शीतकालीन गद्दी स्थलों सहित पंच बदरी के देव मंदिरों में उमड़ी पर्यटकों की भीड़, बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की बढ़ोतरी हुई दर्ज
  • रुड़की: ठंड में सड़कों पर उतरे राज्यमंत्री विनय रोहिला, शीतकालीन व्यवस्थाओं का लिया जायजा, चौराहों पर अलाव की व्यवस्थाओं लिया जायजा
  • ग्रेटर नोएडा: इंजीनियर युवराज की कार बरामद, पूरी तरह क्षतिग्रस्त मिली मृतक इंजीनियर की गाड़ी
  • मेरठ में शॉर्ट सर्किट से मूर्ति के कारखाने में लगी आग, लाखों का माल जलकर हुआ खाक, फायर बिग्रेड की टीम ने आग पर काबू पाया
  • हरदोई में दो पक्षों में जमकर हुआ विवाद, घर में घुसकर जानलेवा हमला और तोड़फोड़ की गई, पुलिस की जांच में जुटी
  • अमरोहा में 18 साल के युवक ने लगाई फांसी, पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा, मामले की जांच में जुटी पुलिस
  • यूपी में TET-TGT, PGT एग्जाम की नई तारीखों का ऐलान, UPESSC ने कैलेंडर किया जारी, अप्रैल से जुलाई के बीच होंगी परीक्षाएं

कोर्ट ने गूगल में सर्च हिस्ट्री को माना अहम सबूत..

कोर्ट ने गूगल में सर्च हिस्ट्री को माना अहम सबूत, रतलाम में पत्नी के हत्यारे को उम्रकैद

MP News : रतलाम। पत्नी की हत्या के दोषी पति को कोर्ट ने आजीवन जेल की सजा दी है। इसके साथ दोषी को तीन हजार रूपये का आर्थिक जुर्माना भी किया है।

कोर्ट ने गूगल में सर्च हिस्ट्री को माना अहम सबूत रतलाम में पत्नी के हत्यारे को उम्रकैद

कोर्ट ने गूगल में सर्च हिस्ट्री को माना अहम सबूत |

MP News : रतलाम। पत्नी की हत्या के दोषी पति को कोर्ट ने आजीवन जेल की सजा दी है। इसके साथ दोषी को तीन हजार रुपये का आर्थिक जुर्माना भी किया है। आरोपी ने हत्या के बाद अपने मोबाइल पर गूगल पर सर्च किया था कि हत्या के सबूत कैसे मिटाए जाएं। प्रधान सत्र न्यायाधीश नीना आशापुरे ने इसी सर्च हिस्ट्री को अहम सबूत माना और फैसला सुनाया। 

जिला लोक अभियोजक सुरेश कुमार वर्मा ने बताया कि आरोपी राकेश (पिता कैलाश चौधरी) झरसंदला ग्राम का रहने वाला है। उसका थाना बिलपांक है। वह अक्सर शराब पीता था और रात में देर से घर आता था। उसकी पत्नी इससे परेशान रहती थी और शराब पीने का विरोध करती थी। प्रतिदिन के विवाद से परेशान राकेश ने पत्नी के साथ मारपीट की औऱ गला दबाकर उसकी हत्या कर दी।

कोर्ट ने उसे भादंस की धारा 103 (1) के तहत दोषी माना। हत्या के बाद आरोपी ने सबूत मिटाने के तरीके खोजने शुरू किये। उसने मोबाइल में गूगज पर सर्च किया कि क्या पोस्मार्टम रिपोर्ट में गला दबाने के निशान आते हैं? यदि निशाना आते हैं तो उसे मिटाने के लिए सबसे अच्छा क्रीम कौन है। साथ ही यह भी पूछा कि पोस्टमार्टम में गला फाड़ा जाता है क्या?

बिलपांक थाना निरीक्षक अयूब खान ने जब सख्ती की और पूछताछ की तब आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। लेकिन घटना का कोई चश्मदीद गवाह नहीं था। पुलिस ने आरोपी के मोबाइल की सर्च हिस्ट्री निकाली तो पता चला कि अपराध को छुपाने के तरीके खोजे गये थे। कोर्ट में यह भी साबित हुआ कि अंतिम बार पत्नी को आरोपी के साथ जीवित देखा गया था। इसके बाद कोर्ट ने परिस्थिति जन्य साक्ष्य और डिजिटल सूबत पर विश्वास किया और आरोपी को आजीवन कैद की सजा सुनाई। 

यह भी पढ़ें : https://www.primenewsnetwork.in/india/pm-modi-spoke-in-assam-congress-is-promoting-anti-national-thinking/101985

Related to this topic: