MP News : रतलाम। पत्नी की हत्या के दोषी पति को कोर्ट ने आजीवन जेल की सजा दी है। इसके साथ दोषी को तीन हजार रूपये का आर्थिक जुर्माना भी किया है।
MP News : रतलाम। पत्नी की हत्या के दोषी पति को कोर्ट ने आजीवन जेल की सजा दी है। इसके साथ दोषी को तीन हजार रुपये का आर्थिक जुर्माना भी किया है। आरोपी ने हत्या के बाद अपने मोबाइल पर गूगल पर सर्च किया था कि हत्या के सबूत कैसे मिटाए जाएं। प्रधान सत्र न्यायाधीश नीना आशापुरे ने इसी सर्च हिस्ट्री को अहम सबूत माना और फैसला सुनाया।
जिला लोक अभियोजक सुरेश कुमार वर्मा ने बताया कि आरोपी राकेश (पिता कैलाश चौधरी) झरसंदला ग्राम का रहने वाला है। उसका थाना बिलपांक है। वह अक्सर शराब पीता था और रात में देर से घर आता था। उसकी पत्नी इससे परेशान रहती थी और शराब पीने का विरोध करती थी। प्रतिदिन के विवाद से परेशान राकेश ने पत्नी के साथ मारपीट की औऱ गला दबाकर उसकी हत्या कर दी।
कोर्ट ने उसे भादंस की धारा 103 (1) के तहत दोषी माना। हत्या के बाद आरोपी ने सबूत मिटाने के तरीके खोजने शुरू किये। उसने मोबाइल में गूगज पर सर्च किया कि क्या पोस्मार्टम रिपोर्ट में गला दबाने के निशान आते हैं? यदि निशाना आते हैं तो उसे मिटाने के लिए सबसे अच्छा क्रीम कौन है। साथ ही यह भी पूछा कि पोस्टमार्टम में गला फाड़ा जाता है क्या?
बिलपांक थाना निरीक्षक अयूब खान ने जब सख्ती की और पूछताछ की तब आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। लेकिन घटना का कोई चश्मदीद गवाह नहीं था। पुलिस ने आरोपी के मोबाइल की सर्च हिस्ट्री निकाली तो पता चला कि अपराध को छुपाने के तरीके खोजे गये थे। कोर्ट में यह भी साबित हुआ कि अंतिम बार पत्नी को आरोपी के साथ जीवित देखा गया था। इसके बाद कोर्ट ने परिस्थिति जन्य साक्ष्य और डिजिटल सूबत पर विश्वास किया और आरोपी को आजीवन कैद की सजा सुनाई।
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